Wednesday, April 22, 2026
spot_img
Homeकारोबारआम जनता के लिए राहत, अगस्त में लगातार पांचवें महीने बढ़ती महंगाई...

आम जनता के लिए राहत, अगस्त में लगातार पांचवें महीने बढ़ती महंगाई से मिली राहत

WPI Inflation: अगस्त महीने के थोक महंगाई के आंकड़े जारी हो गए हैं. थोक मुद्रास्फीति (Wholesale inflation) में लगातार पांचवे माह अगस्त में गिरावट आई और यह शून्य से 0.52 फीसदी नीचे रही है. थोक मूल्य सूचकांक (wholesale price index) आधारित मुद्रास्फीति अप्रैल से शून्य से नीचे बनी है. जुलाई में यह शून्य से नीचे 1.36 फीसदी थी, जबकि अगस्त 2022 में यह 12.48 फीसदी रही थी. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति (inflation rates) 10.60 फीसदी रही, जो जुलाई में 14.25 फीसदी थी.

मंत्रालय ने दी जानकारी

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगस्त 2023 में मुख्य रूप से पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में खनिज तेल, बुनियादी धातुओं, रसायन तथा रसायन उत्पादों, कपड़ा व खाद्य उत्पादों की कीमतों में गिरावट के कारण मुद्रास्फीति शून्य से नीचे रही.

अगस्त में शून्य से नीचे

ईंधन व बिजली खंड की मुद्रास्फीति अगस्त में शून्य से 6.03 फीसदी नीचे रही, जो जुलाई में शून्य से 12.79 फीसदी नीचे थी. विनिर्मित उत्पादों की मुद्रास्फीति अगस्त में शून्य से नीचे 2.37 फीसदी रही. जुलाई में यह शून्य से नीचे 2.51 फीसदी थी.

आरबीआई ने दी जानकारी

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने बढ़ती खुदरा महंगाई को काबू में रखने के साथ अर्थव्यवस्था को गति देने के मकसद से पिछले महीने तीसरी बार नीतिगत दर रेपो को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा था. केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति तैयार करने के लिए खुदरा या उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति को ध्यान में रखता है. अगस्त में खुदरा मुद्रास्फीति 6.83 प्रतिशत रही, जो जुलाई के 7.44 प्रतिशत से कम है.

ईंधन का कैसा रहा आंकड़ा?

अगस्त में थोक महंगाई दर के तहत ईंधन और पावर की महंगाई दर में बड़ा बदलाव आया है. अगस्त में ईंधन और पावर WPI -6.03 फीसदी पर रही है जबकि इससे पिछले महीने जुलाई में इनकी थोक महंगाई दर -12.79 फीसदी पर रही थी. इस तरह ये बढ़त की तरफ जाती दिख रही है.

इनपुट – भाषा एजेंसी के साथ 

RELATED ARTICLES

ADVERTISMENT

Most Popular