Thursday, May 14, 2026
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हेपेटाइटिस डी यह एक असामान्य वायरस है जो केवल उन लोगों को प्रभावित करता है जो पहले से ही हेपेटाइटिस बी से संक्रमित हैं. यह संक्रमित रक्त या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क से फैलता है. हेपेटाइटिस डी के लक्षणों में पीलिया, गहरे रंग का पेशाब, मतली, उल्टी, पेट में दर्द, थकान और बुखार शामिल हो सकते हैं. हेपेटाइटिस डी के लिए कोई टीका या विशिष्ट उपचार नहीं है, लेकिन कुछ मामलों में लंबे संक्रमण के प्रबंधन के लिए एंटीवायरल दवाओं का उपयोग किया जा सकता है. हेपेटाइटिस ई यह एक वायरस है जो लिवर में सूजन पैदा कर सकता है. यह आमतौर पर गंदा खाना और पानी के संपर्क से फैलता है. हेपेटाइटिस ई के लक्षणों में पीलिया, गहरे पीले रंग का पेशाब, मतली, उल्टी, पेट में दर्द, थकान और बुखार शामिल हो सकते हैं. हेपेटाइटिस ई के लिए कोई टीका या खास इलाज नहीं है, लेकिन कुछ मामलों में लंबे इंफेक्शन के प्रबंधन के लिए कुछ एंटीवायरल दवाओं का उपयोग किया जा सकता है. इन पांच प्रकार के वायरल हेपेटाइटिस के बीच अंतर जानना महत्वपूर्ण है ताकि आप खुद को संक्रमण से बचाने के लिए कदम उठा सकें और जरूरत पड़ने पर उचित इलाज करवा सकें. हेपेटाइटिस ए और बी से सुरक्षा के लिए टीके उपलब्ध हैं, जबकि जरूरत पड़ने पर हेपेटाइटिस सी, डी या ई के कारण होने वाले लंबे संक्रमण के प्रबंधन के लिए एंटीवायरल दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है. Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.

Eye Flu Home Remedy: मानसून जब भी आता है, अपने साथ तमाम बिमारियों की पोटली बांध कर लाता है. बारिश की वजह से भले ही चिलचिलाती गर्मी से राहत मिल जाती हो, लेकिन इसकी वजह से लोगों को बाढ़ और अलग-अलग बीमारियों का सामना करना पड़ता है. इन दिनों आंखों की एक बीमारी ने अधिकतर लोगों का जीना मुहाल किया हुआ है. इस बीमारी का नाम कंजंक्टिवाइटिस है, जिसे पिंक आई इन्फेक्शन या आई फ्लू के नाम से भी जाना जाता है. दिल्ली सहित कई राज्यों में इस इन्फेक्शन के रोजाना कई मामले देखे जा रहे हैं. अगर आप भी इन दिनों आई फ्लू का सामना कर रहे हैं और इससे छुटकारा पाना चाहते हैं तो कुछ आसान घरेलू उपाय कर सकते हैं.

कंजंक्टिवाइटिस के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय

1. शहद: शहद आंखों की इस बीमारी को ठीक करने में आपकी मदद कर सकता है. क्योंकि इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं. आई फ्लू में शहद का इस्तेमाल करने के लिए आप एक गिलास पानी लें और इसमें दो चम्मच शहद मिलाएं. फिर इसी शहद वाले पानी से आपनी आंखों को धोएं. शहद वाले पानी से आंखों में होने वाली जलन और दर्द को जल्दी दूर किया जा सकता है.

2. गुलाब जल: आई फ्लू से निजात पाने के लिए आप गुलाब जल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. क्योंकि इसमें एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं, जो इन्फेक्शन पैदा करने वाले कीटाणुओं से लड़ते हैं. गुलाब जल आई फ्लू से होने वाली तकलीफों को कम करता है और आंखों को आराम पहुंचाता है. आपको बस गुलाब जल की दो बूंदें आंखों में डालनी हैं.

3. आलू: आई फ्लू से छुटकारा पाने के लिए आलू का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. आलू की तासीर चूंकि ठंडी होती है, इसलिए ये आई फ्लू से होने वाली दिक्कतों को कम कर सकता है. आपको बस एक आलू को टुकड़ों में काटना है. फिर इसे अपनी आंखों पर रखना है. आंखों पर आलू की स्लाइस को 10-15 मिनट तक रहने दें.

4. तुलसी: तुलसी कई औषधीय गुणों से भरपूर होती है. इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुण पाए जाते हैं. तुलसी के कुछ पत्तों को पानी में भिगोकर रातभर के लिए भिगोकर रख दें. फिर सुबह तुलसी वाले पानी से आंखों को धो लें.

5. हल्दी: हल्दी में एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं. हल्दी में मौजूद औषधीय गुण आंखों के संक्रमण को रोकने में मदद कर सकते हैं. थोड़े से गुनगुने पानी में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएं. फिर रुई को हल्दी वाले पानी में भिगोकर आंखों पर लगाएं. इससे आंखों की गंदगी साफ हो जाएगी और दर्द एवं जलन से राहत मिलेगी.

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.

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Kidney Health: किडनी का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है. क्योंकि ये वही अंग है जो खून से टॉक्सिन पदार्थों और अतिरिक्त तरल पदार्थों को फिल्टर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ब्लड प्रेशर, रेड ब्लड सेल के उत्पादन को नियंत्रित करने में मदद करते हैं. यह संपूर्ण शारीरिक संतुलन बनाए रखने और हानिकारक पदार्थों के निर्माण को रोकने के लिए होते हैं.अगर ये खराब हो जाए तो व्यक्ति का जिंदा रहना मुश्किल हो सकता है.वैसे तो ज्यादातर एल्कोहल के सवन से किडनी फेल होने की समस्या होती है, लेकिन इसके पीछे और भी कारण हो सकते हैं.आइए जानते हैं इस बारे में… किडनी फेल होने के कारण जानिए डायबिटीज के कारण-खराब ढंग से प्रबंधित डायबिटीज, किडनी में रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे समय के साथ उनका कार्य ख़राब हो सकता है. किडनी के फिल्टर डैमेज हो जाते हैं और किडनी खून से यूरिन में आ सामान्य मात्रा में प्रोटीन रिलीज करने लगती है. ये स्थिति शरीर के लिए खतरनाक हो सकती है. अगर वक्त पर इलाज न किया जाए तो किडनी फेल हो सकती है. क्रोनिक हाइपरटेंशन-क्रॉनिक हाइपरटेंशन किडनी में रक्त वाहिकाओं पर जरूर से ज्यादा दबाव डालता है, जिससे रक्त प्रवाह कम हो जाता है और गुर्दे की क्षति होती है. इस कारण भी किडनी फेल हो सकती है. किडनी स्टोन-किडनी स्टोन यूरिन पास करने में बाधा डाल सकती हैं, जिससे दबाव बनता है और किडनी को नुकसान होता है इससे भी संभावित रूप से किडनी फेल हो सकती है.
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