Tuesday, June 9, 2026
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स्ट्रीट वेंडरों के लिए विशेष रूप से मोबाइल ऐप डिजाइन किया गया

आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने 1 जून, 2023 को स्ट्रीट वेंडरों के लिए पीएम स्वनिधि का मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। मोबाइल ऐप की मदद से, स्ट्रीट वेंडर पीएम स्वनिधि योजना के तहत ऋण और अनुशंसा पत्र (एलओआर) के लिए आवेदन कर सकते हैं। स्ट्रीट वेंडर उनके ऋण आवेदन की स्थिति और कैशबैक के विवरण की भी जांच कर सकता है।

आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति के दिनांक 26 अप्रैल, 2022 के निर्णय के अनुसार, दिसंबर 2024 तक पीएम स्वनिधि योजना के तहत पहले, दूसरे और तीसरे ऋण के लिए निर्धारित लक्ष्य क्रमशः 42 लाख, 12 लाख और 3 लाख है।

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना स्ट्रीट वेंडरों को अपना व्यवसाय फिर से शुरू करने के लिए कोलेटरल फ्री कार्यशील पूंजी ऋण की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। 20 जुलाई, 2023 तक इस योजना ने 38.53 लाख स्ट्रीट वेंडरों को 50.63 लाख ऋण सफलतापूर्वक वितरित किए हैं, जिनकी राशि 6,492.02 करोड़ रुपये है।

पीएम स्वनिधि योजना शहरी क्षेत्रों में वेंडिंग करने वाले सभी स्ट्रीट वेंडरों के लिए उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा, योजना के तहत ऋण देने की अवधि को मार्च 2022 से दिसंबर 2024 तक बढ़ा दिया गया है। इससे अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडरों को योजना के दायरे में लाने में मदद मिलेगी।

पीएम स्वनिधि योजना के तहत ‘स्वनिधि से समृद्धि’ घटक, लाभार्थियों के परिवारों के रहन-सहन की स्थितियों में सुधार के लिए सुरक्षा प्रदान करने के लिए 04 जनवरी, 2021 को शुरू किया गया।

यह लाभार्थियों के परिवारों को उनके समग्र विकास और सामाजिक-आर्थिक उत्थान को लक्षित करते हुए भारत सरकार की मौजूदा आठ कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ता है। इन योजनाओं में पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना, पीएम सुरक्षा बीमा योजना, पीएम जन धन योजना, वन नेशन वन राशन कार्ड, पीएम श्रम योगी मानधन योजना, भवन और अन्य निर्माण श्रमिकों (बीओसीडब्ल्यू) के तहत पंजीकरण, जननी सुरक्षा योजना और पीएम मातृ वंदना योजना शामिल हैं।

यह जानकारी आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री कौशल किशोर ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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हेपेटाइटिस डी यह एक असामान्य वायरस है जो केवल उन लोगों को प्रभावित करता है जो पहले से ही हेपेटाइटिस बी से संक्रमित हैं. यह संक्रमित रक्त या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क से फैलता है. हेपेटाइटिस डी के लक्षणों में पीलिया, गहरे रंग का पेशाब, मतली, उल्टी, पेट में दर्द, थकान और बुखार शामिल हो सकते हैं. हेपेटाइटिस डी के लिए कोई टीका या विशिष्ट उपचार नहीं है, लेकिन कुछ मामलों में लंबे संक्रमण के प्रबंधन के लिए एंटीवायरल दवाओं का उपयोग किया जा सकता है. हेपेटाइटिस ई यह एक वायरस है जो लिवर में सूजन पैदा कर सकता है. यह आमतौर पर गंदा खाना और पानी के संपर्क से फैलता है. हेपेटाइटिस ई के लक्षणों में पीलिया, गहरे पीले रंग का पेशाब, मतली, उल्टी, पेट में दर्द, थकान और बुखार शामिल हो सकते हैं. हेपेटाइटिस ई के लिए कोई टीका या खास इलाज नहीं है, लेकिन कुछ मामलों में लंबे इंफेक्शन के प्रबंधन के लिए कुछ एंटीवायरल दवाओं का उपयोग किया जा सकता है. इन पांच प्रकार के वायरल हेपेटाइटिस के बीच अंतर जानना महत्वपूर्ण है ताकि आप खुद को संक्रमण से बचाने के लिए कदम उठा सकें और जरूरत पड़ने पर उचित इलाज करवा सकें. हेपेटाइटिस ए और बी से सुरक्षा के लिए टीके उपलब्ध हैं, जबकि जरूरत पड़ने पर हेपेटाइटिस सी, डी या ई के कारण होने वाले लंबे संक्रमण के प्रबंधन के लिए एंटीवायरल दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है. Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.
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