Wednesday, April 22, 2026
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’20 जून को विश्व गद्दार दिवस घोषित करो’, संजय राउत ने UN को चिट्ठी लिख क्यों की ये मांग?

महाराष्ट्र की सियासत में औरंगजेब और टीपू सुल्तान को लेकर छिड़ी सियासी जंग खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. इस बीच शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत की एक चिट्ठी ने महाराष्ट्र में सियासी हलचल पैदा कर दी है. सांसद संजय राउत ने संयुक्त राष्ट्र के सेकेट्री जनरल को एक पत्र लिखकर 20 जून को विश्व गद्दार दिवस घोषित करने की मांग की है.

शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने ये मांग पिछले साल आज ही के दिन एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के विधायकों ने बगावत करने के मद्देनजर की है. बीते साल 40 के करीब विधायकों की बगावत ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार को गिरा दिया था. उन्होंने ये चिट्ठी ऐसे समय में भेजी है, जब एक ही दिन पहले यानी 19 जून को शिंदे और उद्धव ठाकरे गुट ने शिवसेना का अलग-अलग स्थापना दिवस मनाया.

महाराष्ट्र के लोगों से लेंगे मदद
शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि हम इस मांग पत्र पर महाराष्ट्र के लाखों लोगों के हस्ताक्षर इकट्ठा करेंगे और उन्हें संयुक्त राष्ट्र भेजेंगे. राउत के मुताबिक, दुनिया ने गद्दारी की कई घटनाएं देखी हैं और महाराष्ट्र के लोगों के साथ बीते साल ये हुआ. उन्होंने कहा कि जब हमारी पार्टी सत्ता में आएगी तो 20 जून को गद्दार दिवस मनाया जाएगा. इससे पहले महाविकास आघाड़ी सरकार में शामिल रही एनसीपी ने भी ऐसी ही मांग की थी.

आखिर कौन हैं गद्दार?
बीते साल 20 जून को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के विधायकों ने सीएम उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत कर दी थी. इस बगावत में सांसद भी शामिल थे. इन्हें ही शिवसेना (यूबीटी) की ओर से गद्दार कहा जाता है. 19 जून को हुई स्थापना दिवस की सभा में शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने कहा था कि महाराष्ट्र में कुछ ऐसे लोग हैं, जो दूसरों के पिता चुरा लेते हैं. वो गद्दार हैं.

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पीएम मोदी की यात्रा की बड़ी बातें 1- पीएम मोदी गुरुवार (22 जून) को अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे. वे ऐसा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे. अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों प्रतिनिधि सभा और सीनेट ने उन्हें इसके लिए निमंत्रण दिया था. 2 विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था कि अभी तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने दो बार यूएस कांग्रेस को संबोधित नहीं किया है. दुनिया के सिर्फ कुछ गिने चुने नेताओं ने ही यूएस कांग्रेस में दो बार संबोधन दिया है. इनमें विंस्टन चर्चिल और नेल्सन मंडेला शामिल हैं. 3- पीएम मोदी अमेरिका की राजकीय यात्रा पर जाने वाले तीसरे भारतीय नेता हैं. इसके पहले मनमोहन सिंह नवंबर 2009 में और राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन जून 1963 में अमेरिका की राजकीय यात्रा पर गए थे. 4- प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी तीसरे ग्लोबल लीडर हैं, जिन्हें बाइडेन ने राजकीय यात्रा के लिए आमंत्रित किया है. इसके पहले बाइडेन ने केवल फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां और दक्षिण कोरिया के यून सुक योल को बुलाया था. 5- यात्रा के पहले दिन 21 जून (बुधवार) को विश्व योग दिवस पर प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र भवन में योग कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे. 6- 22 जून को व्हाइट हाउस में पीएम मोदी का रस्मी स्वागत किया जाएगा. इस कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के सदस्यों सहित एक हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. स्वागत समारोह के बाद पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी. 7- 22 जून को ही प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए जो बाइडेन और जिल बाइडेन ने व्हाइट हाउस में रात्रिभोज का आयोजन किया है. इसमें कांग्रेस के सदस्य, डिप्लोमैट और सेलेब्रिटीज के शामिल होने की संभावना है. 8- 23 जून को उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन संयुक्त रूप से पीएम मोदी के लिए लंच की मेजबानी करेंगे. इसी दिन पीएम मोदी मल्टी नेशनल कंपनीज के सीईओ के साथ मुलाकात भी करेंगे. 9- यात्रा के तीसरे दिन शुक्रवार (23 जून) को पीएम मोदी वाशिंगटन में रोनाल्ड रीगन बिल्डिंग एंड इंटरनेशनल ट्रेड सेंटर में अमेरिका भर के प्रवासी नेताओं की सभा को संबोधित करेंगे. 10- अमेरिका यात्रा पर जाने से पहले पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा “(अमेरिकी) कांग्रेस के सदस्यों, बुद्धिजीवीवियों और अन्य सहित जीवन के सभी क्षेत्रों के लोग मेरी आगामी यूएसए यात्रा पर अपना उत्साह साझा कर रहे हैं. इस तरह का विविध समर्थन भारत-अमेरिका संबंधों की गहराई को रेखांकित करता है.
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