8th Pay Commission: राजस्थान सरकार ने केंद्र सरकार के नक्शेकदम पर चलते हुए 8वें राज्य वेतन आयोग (8th State Pay Commission) के गठन की तैयारी तेज कर दी है. यह राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है. यह कमेटी केंद्र के 8वें वेतन आयोग की तर्ज पर राज्य कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन के ढांचे की समीक्षा करेगी. इसका मुख्य काम यह तय करना है कि बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी (Basic Pay) और पेंशन कितनी बढ़नी चाहिए
कर्मचारियों को क्या उम्मीदें हैं?
फिटमेंट फैक्टर: कर्मचारी संगठन मांग कर रहे हैं कि फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3.68 किया जाए.वेतन में उछाल: यदि केंद्र और राज्य की सहमति बनती है, तो न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 34,500 रुपये से 50,000 रुपये के बीच हो सकता है.
भत्तों में सुधार: HRA जैसे मकान किराया भत्ता, मेडिकल अलाउंस और अन्य भत्तों में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की संभावना है.
राजस्थान में लागू होने की समयसीमा
आमतौर पर राज्य सरकारें केंद्र के फैसले का इंतजार करती हैं, लेकिन राजस्थान सरकार ने पहले ही कमेटी की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि जैसे ही केंद्र घोषणा करे, राज्य में इसे बिना देरी लागू किया जा सके. इसे 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा सकता है, जिसका मतलब ये है कि कर्मचारियों को पिछला एरियर (Arrear) भी मिलेगाकितने कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
इस फैसले से राजस्थान के लगभग 8 लाख नियमित कर्मचारी और करीब 4.5 लाख पेंशनभोगियों को सीधा आर्थिक लाभ होगा. बता दें राजस्थान में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर भी चर्चाएं रहती हैं. 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट में OPS और नई पेंशन योजना (NPS) के बीच के वित्तीय संतुलन पर भी कमेटी अपनी राय दे सकती है.




