नई दिल्लीः सरकार ने प्याज की कीमतों में तेजी (Onion Price Increase) को काबू में करने के लिए शनिवार को एक अहम कदम उठाया. सरकार ने प्याज पर 40% एक्सपोर्ट ड्यूटी (Export Duty on Onion) लगा दिया है. यह फैसला तत्काल रूप से प्रभावी हो गया है. इससे प्याज की कीमतों में उछाल को नियंत्रित करने और घरेलू बाजार में सप्लाई बेहतर करने में मदद मिलेगी. भारतीय किचन में प्याज का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है.
महंगे हो सकते हैं प्याज!
इससे पहले कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा कहा गया था कि सितंबर तक प्याज के दाम करीब दोगुने हो सकते हैं. प्याज इस समय करीब 30 रुपये प्रति किलोग्राम के रेट से बिक रहा है. रिपोर्ट की मानें तो सितंबर तक अच्छी क्वालिटी के प्याज का भाव बढ़कर 55-60 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकता है.
ट्रेडर्स का कहना है कि देश में प्याज की भरपूर उपलब्धता है लेकिन भीषण गर्मी की वजह से अच्छी क्वालिटी का प्याज मिलना मुश्किल हो गया है. इस वजह से देश में प्याज की कीमत आसमान छू सकती है. ट्रेडर्स का कहना है कि इस समय देशभर में मौजूद प्याज में अधिकांश प्याज की क्वालिटी अच्छी नहीं है. दूसरी ओर, अन्य सब्जियों के भाव में उछाल से भी प्याज के दाम में तेजी देखने को मिल सकती है.
इन पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्याज के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी लगाने का फैसला किया है.
खुदरा महंगाई दर में दिखा उछाल
खाने-पीने के सामान और खासकर सब्जियों के रेट में उछाल से भारत की खुदरा महंगाई दर जुलाई महीने में 7.44 फीसदी पर पहुंच गई. यह खुदरा महंगाई दर का 15-माह का हाई है. इस तरह पिछले पांच महीने में पहली बार खुदरा महंगाई दर आरबीआई के 2-6 फीसदी के लक्ष्य के पार निकला है.
हालांकि, अगस्त महीने के मध्य से टमाटर की कीमतों में थोड़ी नरमी देखने को मिली है. हालांकि, दालों के दाम में इजाफा देखने को मिला. इसके अलावा प्याज और आलू की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली.




