ब्रिटेन में आधिकारिक हलकों में महारानी के निधन को ‘ऑपरेशन लंदन ब्रिज’ के नाम से जाना जाता है। यह एक तरह का ‘प्रोटोकॉल’ है, जिसे 96 वर्षीय महारानी के निधन की घोषणा के बाद लागू किया गया। हालांकि, कुछ विशेष प्रावधान भी हैं। अगर सम्राट/महारानी की मृत्यु स्कॉटलैंड में होती है तो उसे ‘ऑपरेशन यूनिकॉर्न’ कहा जाता है। यूनिकॉर्न स्कॉटलैंड का राष्ट्रीय पशु है और इंग्लैंड के शेर के साथ शाही कोट ऑफ आर्म्स का हिस्सा है। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का गुरुवार को स्कॉटलैंड के बालमोरल कैसल में निधन हुआ।
इसके साथ ही ‘ऑपरेशन स्प्रिंग टाइड’ भी लागू हुआ, जिसके तहत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के बेटे व उत्तराधिकारी प्रिंस चार्ल्स ‘महाराज चार्ल्स तृतीय’ के रूप में देश की राजगद्दी पर विराजमान होंगे। ‘लंदन ब्रिज इज डाउन’ भी एक ‘कोड वर्ड’ है। इसके जरिए जिससे महारानी के निजी सचिव की ओर से महारानी की मृत्यु के बारे में प्रधानमंत्री लिज ट्रस को सूचित किया गया होगा। ‘फॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस’ (एफसीडीओ) का ‘ग्लोबल रिस्पांस सेंटर’ ब्रिटेन के बाहर की उन 15 सरकारों और अन्य 38 राष्ट्रमंडल देशों को समाचार भेजने का प्रभारी है, जहां महारानी राष्ट्र की प्रमुख हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, स्कॉटलैंड में महारानी का निधन होने पर हजारों लोग वहां पर पहुंच सकते हैं। एक सूत्र ने बताया, ‘अगर महारानी का स्कॉटलैंड में निधन होता है, तो उनका शरीर होलीरूडहाउस में रखा जाएगा। इसके बाद उनके ताबूत को रॉयल माइल (एडिनबर्ग में) के गिरजाघर ले जाया जाएगा। यहां से उनके पार्थिव शरीर को ईस्ट कोस्ट मेनलाइन से लंदन की यात्रा के लिए एडिनबर्ग के वेवर्ली स्टेशन पर रॉयल ट्रेन में रखा जाएगा।’
निधन के 10 दिन बाद अंतिम संस्कार
शाही परिवार अंतिम संस्कार के लिए आधिकारिक कार्यक्रम को जल्द जारी करेगा। गुरुवार को उनके निधन के 10 दिन बाद उनका अंतिम संस्कार किए जाने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री ट्रस के नए राजा से मिलने के बाद राष्ट्रीय शोक की घोषणा की जाएगी। किंग चार्ल्स तृतीय राष्ट्र को संबोधित करेंगे। लंदन में सेंट पॉल कैथेड्रल में प्रधानमंत्री और मंत्रियों के लिए कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
किंग चार्ल्स तृतीय बताएंगे आगे की योजनाएं
आने वाले दिनों में क्या होगा, इसके बारे में कोई आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया गया है। हालांकि, महारानी का पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किए जाने की उम्मीद है। जनता के श्रद्धांजलि देने के वास्ते उनके पार्थिव शरीर को सार्वजनिक दर्शन के लिए रखे जाने की भी उम्मीद है। किंग चार्ल्स तृतीय आने वाले दिनों में अंतिम योजनाओं पर हस्ताक्षर करेंगे।




