ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को उभरते टेक्सटाइल हब के रूप में प्रस्तुत किया गया
भोपाल : शुक्रवार, मई 1, 2026,
मध्यप्रदेश को वस्त्र एवं गारमेंट उद्योग के लिए एक सशक्त और प्रतिस्पर्धी निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपी आईडीसी) द्वारा मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली में “टेक्सटाइल एवं गारमेंट सेक्टर में निवेश अवसर” विषय पर इंटरैक्टिव आउटरीच सेशन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्वालियर एवं चंबल संभाग को केंद्र में रखते हुए राज्य की औद्योगिक क्षमताओं, नीति समर्थन और अधोसंरचना को प्रमुख उद्योग संगठनों एवं निवेशकों के समक्ष प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया।
सेशन में टेक्सटाइल एसोसिएशन दिल्ली, ओखला इंडस्ट्रियल एसोसिएशन, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के साथ-साथ ब्लैकबेरीज़, वेलेंसिया अपैरल्स (नोएडा) और ट्राइबर्ग जैसे प्रतिष्ठित उद्योग समूहों सहित 60 से अधिक निवेशकों एवं उद्योग प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता की। यह सहभागिता इस बात का संकेत रही कि मध्यप्रदेश विशेषकर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र, टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में निवेश के लिए उद्योग जगत का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
एमपीआईडीसी की कार्यकारी निदेशक सुश्री अनीशा श्रीवास्तव ने प्रस्तुति के माध्यम से राज्य में उपलब्ध औद्योगिक भूमि, निवेश प्रोत्साहन योजनाएं, सिंगल विंडो क्लियरेंस प्रणाली, लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी और श्रमशक्ति की उपलब्धता पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में विकसित औद्योगिक अधोसंरचना, राष्ट्रीय राजमार्गों एवं रेल नेटवर्क से बेहतर जुड़ाव, तथा प्रतिस्पर्धी लागत पर उपलब्ध कुशल मानव संसाधन इस क्षेत्र को वस्त्र एवं गारमेंट उद्योग के लिए अत्यंत अनुकूल बनाते हैं।
सेशन में “इन्फिनिट पॉसिबिलिटीज” की अवधारणा के तहत मध्यप्रदेश में निवेश के व्यापक अवसरों को रेखांकित किया गया, जिसमें टेक्सटाइल वैल्यू चेन के विभिन्न घटकों जैसे फाइबर, यार्न, फैब्रिक, गारमेंट एवं रेडीमेड उत्पाद में निवेश संभावनाओं को विशेष रूप से सामने रखा गया। साथ ही, राज्य में विकसित हो रहे क्लस्टर आधारित औद्योगिक मॉडल, टेक्सटाइल पार्क्स और निर्यात उन्मुख इकाइयों के लिए अनुकूल वातावरण की जानकारी भी साझा की गई।
उद्योग प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार की निवेश उन्मुख नीतियों और एमपीआईडीसी की सक्रिय पहल की सराहना करते हुए ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को टेक्सटाइल सेक्टर के लिए उभरता हुआ केंद्र बताया। उन्होंने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश में नीति स्पष्टता, प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और प्रशासनिक सहयोग निवेश निर्णयों को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहे हैं।
इंटरैक्टिव सेशन में निवेशकों ने परियोजनाओं की संभावनाओं, भूमि उपलब्धता, प्रोत्साहनों एवं संचालन संबंधी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। कई निवेशकों ने क्षेत्र में अपनी इकाइयाँ स्थापित करने की रुचि व्यक्त करते हुए एमपीआईडीसी के अधिकारियों के साथ व्यक्तिगत स्तर पर संवाद किया।




