Wednesday, April 22, 2026
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डाकघर बचत योजनाओं का डिजिटलीकरण

संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि डाक विभाग 164 लाख से अधिक डाकघरों के नेटवर्क के माध्यम से 45 करोड़ से अधिक डाकघर बचत बैंक (पीओएसबी) खाताधारकों को सेवाएं प्रदान करता है। डाकघर बचत योजनाओं के आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण के लिए, कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (सीबीएस) के साथ-साथ एटीएम, इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग, ऑनलाइन खाता खोलना/बंद करना, जमा, ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से वास्तविक समय में शेष राशि की जानकारी, एनईएफटी/आरटीजीएस के माध्यम से निधि हस्तांतरण, आईपीपीबी-पीओएसए लिंकेज आदि जैसी डिजिटल सेवाएं पीओएसबी के सीबीएस प्लेटफॉर्म के माध्यम से सक्षम की गई हैं। डाकघर सेवा प्रदाता (पी ओ एस बी) के ग्राहकों को दी जाने वाली सुविधाओं के अतिरिक्त, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आई पी पी बी ) अपने ग्राहकों को बचत और चालू खाते, वर्चुअल डेबिट कार्ड, घरेलू धन हस्तांतरण सेवाएं, बिल और उपयोगिता भुगतान, आई पी पी बी ग्राहकों के लिए बीमा सेवाएं, डाकघर बचत योजनाओं के लिए ऑनलाइन भुगतान, डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी), आधार-सक्षम भुगतान प्रणाली (ए ई पी एस ), किसी भी नागरिक के आधार में मोबाइल नंबर अपडेट करने की सुविधा और 0-5 वर्ष की आयु के किसी भी बच्चे के लिए  नामांकन सेवाएं जैसी कई सेवाएं प्रदान कर रहा है। ये सभी सेवाएं सुगम पहुंच, पारदर्शिता और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में योगदान दे रही हैं। सभी डाकघर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम कर रहे हैं।

डाक विभाग इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी), किसान विकास पत्र (केवीपी) और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) जैसी योजनाओं के तहत लेनदेन को सक्षम बनाता है। इन पहलों से ग्राहकों की सुविधा में सुधार हुआ है और लेनदेन में आसानी बढ़ी है।

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