Thursday, April 30, 2026
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विंजो ने देशभर में नियमों के तहत गेमिंग सेक्टर को रेगुलेट करने का आग्रह किया

गेमिंग क्षेत्र का संचालन राज्यों के अपने-अपने कानूनों और नियमों के बजाय केंद्र सरकार के नियमों से होना चाहिए। इससे कंपनियों को अंतिम उपयोगकर्ताओं के लिए नवाचार करने पर अपनी ऊर्जा लगाने में मदद मिलेगी। यह कहना है देसी गेमिंग कंपनी विंजो की सह-संस्थापक सौम्या सिंह राठौर का।

राठौर ने बताया, ‘इस क्षेत्र में देश के लिए बहुत बड़ी संभावनाएं हैं और (नियम) इतने अलग-अलग नहीं हो सकते। वर्तमान में इस तंत्र में बहुत युवा, नए, पहली पीढ़ी के उद्यमी हैं। वे जटिल नियामकीय माहौल से नहीं निपट सकते। उनका ध्यान ऐसे उत्पाद बनाने पर होना चाहिए, जो दुनिया में अव्वल हों। हम समझते हैं कि राज्य जुए को नियंत्रित करते हैं यानी कसीनो और लॉटरी जैसे किस्मत के खेल। केंद्र के पास गेमिंग के नियमन का अधिकार है, फिर भले ही इसमें शामिल कमाई का मॉडल कुछ भी हो।’

वर्तमान में केंद्र सरकार के नियम न होने से कई राज्यों में इस क्षेत्र के लिए अपने खुद के नियम हैं। हालांकि सरकार ने साल 2023 में ऑनलाइन गेमिंग के लिए व्यापक नियामकीय ढांचा लाने के वास्ते साल 2021 के सूचना प्रौद्योगिकी नियमों में संशोधन किया था। लेकिन प्रस्तावित नियम कभी लागू नहीं किए गए।

इससे अगले दो वर्षों में तमिलनाडु सहित कई राज्यों ने ऑनलाइन पोकर और रम्मी जैसे खेलों पर प्रतिबंध लगा दिया। इस साल फरवरी में तमिलनाडु ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी (टीएनओजीए) ऑनलाइन रियल-मनी गेम के लिए नियम लेकर आई, जिनमें आधी रात से सुबह पांच बजे के बीच डार्क ऑवर लागू करना शामिल था।

अपने आदेश में टीएनओजीए ने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु वाले उपयोगकर्ताओं को ऑनलाइन रियल-मनी गेम खेलने से रोक दिया जाएगा। इसके अलावा गेमिंग प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण के समय सभी खिलाड़ियों के लिए अपने ग्राहक को जानें (केवाईसी) सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है।

प्राधिकरण ने यह भी अनिवार्य किया कि अगर कोई खिलाड़ी एक घंटे से ज्यादा वक्त तक गेम खेलता है, तो ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म सावधानी वाले पॉप-अप संदेश दिखाएगा और ऐसे पॉप-अप संदेश उपयोगकर्ता को हर 30 मिनट में दिखाए जाएंगे।

राठौर ने कहा कि इस तरह के अलग-अलग नियम मुख्य रूप से गेमिंग और जुए के बीच घालमेल के कारण हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि सभी राज्यों के पास जुए पर प्रतिबंध लगाने या अनुमति देने के अपने-अपने कारण हैं, लेकिन राज्यों के अलग-अलग नियमों से बचने के लिए ऑनलाइन गेमिंग को जुए से अलग समझने की आवश्यकता है।

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