नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सोमवार को देश शुद्ध प्रत्यक्ष कर के आंकड़े जारी किए, जो 22.48 प्रतिशत बढ़कर लगभग 6.93 लाख करोड़ रुपये हो गया. नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 4.47 लाख करोड़ रुपये का व्यक्तिगत इनकम टैक्स कलेक्शन और 2.22 लाख करोड़ रुपये का कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन शामिल है. सिक्योरिटी ट्राजैक्शन टैक्स (एसटीटी) से 21,599 करोड़ रुपये की वसूली हुई, जबकि अन्य करों (जिसमें समतुल्य शुल्क और उपहार कर शामिल हैं) से 1,617 करोड़ रुपये वसूले गए हैं.
1.20 लाख करोड़ रुपये के रिफंड के लिए जारी
जारी किए गए डेटा के अनुसार, 1 अप्रैल से 11 अगस्त के बीच 1.20 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए, जो 33.49 फीसदी की वृद्धि है. सकल आधार पर प्रत्यक्ष कर संग्रह 24 प्रतिशत बढ़कर 8.13 लाख करोड़ रुपये हो गया. संग्रह में 4.82 लाख करोड़ रुपये का पीआईटी (व्यक्तिगत आयकर) और 3.08 लाख करोड़ रुपये का कॉर्पोरेट टैक्स शामिल है.बीते 1 वर्ष में सकल व्यक्तिगत इनकम टैक्स कलेक्शन में रिकॉर्ड इजाफा हुआ है. फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के लिए, 11 अगस्त, 2023 तक कलेक्शन 3.91 लाख करोड़ रुपये था. इसकी मुकाबले फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए, 11 अगस्त, 2024 तक टैक्स कलेक्शन बढ़कर 4.81 लाख करोड़ रुपये हो गया है.
मोहनदास पई ने कही ये बात
केंद्र सरकार ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में डायरेक्ट टैक्सों से 22.07 लाख करोड़ रुपए एकत्र करने का बजट रखा है. टैक्स कलेक्शन पर मोहनदास पई ने कहा, “कर संग्रह बजट से कहीं अधिक है. लेकिन दुख की बात है कि वित्त मंत्रालय ने संकीर्णता का रास्ता चुना, मध्यम वर्ग को लाभ से वंचित किया और फिर पलट गया, यह बहुत ही अमित्रतापूर्ण है.”बता दें कि इससे पहले गुरुवार को जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े जारी किए गए थे, जिसमें 10.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है,जो 1.82 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा.आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में कुल रिफंड 16,283 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.




