रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने ऑनलाइन रिचार्ज और बिल पेमेंट प्लेटफॉर्म टॉकचार्ज (Talkcharge) पर बड़ी कार्रवाई की है. आरबीआई ने टॉकचार्ज टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को ग्राहकों के वॉलेट में पड़े पैसे वापस करने के निर्देश दिए हैं. दरअसल, गुड़गांव स्थित कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक की बिना अनुमति के यूजर्स को प्रीपेड वॉलेट जारी कर रही थी. आरबीआई ने कंपनी को प्रीपेड वायलेट सेवा बंद करने और ग्राहकों के वॉलेट में पहले से मौजूद राशि को वापस करने के लिए 45 दिन का समय दिया है.
आरबीआई का आया बयान
भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को कहा कि ग्राहकों को पैसा वापस करने के बजाय टॉकचार्ज टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने वास्तव में अपने यूजर्स से कंपनी की सेवाओं का उपयोग करने पर मिले कैशबैक वापस करने के लिए कहा है. RBI ने अपने बयान में आगे कहा, “इस प्रकार, कंपनी ने अपने ग्राहकों के मन में यह धारणा बना दी है कि आरबीआई के निर्देशों के अनुसार कैशबैक वापस मांगा जा रहा है. केंद्रीय बैंक ने अपने बयान में कहा कि यह स्पष्ट किया जाता है कि RBI ने इकाई को केवल ग्राहकों के वॉलेट में पड़े पैसे वापस करने का निर्देश दिए हैं.”
गूगल प्ले स्टोर पर महज 1.6 रेटिंग
इससे पहले आरबीआई ने 2 अप्रैल, 2024 को टॉकचार्ज टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को अपनी पेमेंट सर्विस तत्काल प्रभाव से बंद करने लिए एक नोटिस जारी किया था. केंद्रीय बैंक ने भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के तहत प्रावधानों का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की थी. बता दें कि सोशल मीडिया और गूगल प्ले स्टोर पर इस एप्लीकेशन के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं. लोग अपनी शिकायतों में दावा कर रहे थे कि कंपनी बड़ा स्कैम कर रही है. वहीं, गूगल प्ले स्टोर पर इस ऐप्लीकेशन को महज 1.6 रेटिंग मिली है.




