Thursday, April 30, 2026
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देश में एथनॉल प्रोडक्शन में टॉप पर होगा यूपी, जानिए कैसे गन्ना किसानों की बदलने वाली है किस्मत!

नई दिल्ली: देश का सबसे बड़े गन्ना उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में एथनॉल प्रोडक्शन कैपेसिटी सालाना 2 अरब लीटर को पार कर चुकी है. दिलचस्प तथ्य यह है कि 5 साल पहले उत्तर प्रदेश 24 करोड़ लीटर सालाना एथनॉल प्रोडक्शन ही कर पा रहा था. 5 साल में उत्तर प्रदेश में काम करने वाली चीनी मिलों ने एथनॉल का प्रोडक्शन 8 गुना बढ़ा दिया है. उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना विकास और चीनी मंत्री लक्ष्मी नारायण नारायण चौधरी ने यह जानकारी दी है. चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का शीर्षक एथनॉल प्रोड्यूसर राज्य बन सकता है.

उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास मंत्री ने कहा है कि राज्य में एथेनॉल प्रोडक्शन इंडस्ट्री 12000 करोड़ रुपए को पार कर गई है. पिछले कुछ सालों में उत्तर प्रदेश का एथनॉल प्रोडक्शन कैपेसिटी 2.25 अरब लीटर सालाना पर पहुंच गया है.

इस सेक्टर में प्लांट और मशीनरी के इन्वेस्टमेंट में राज्य सरकार की तरफ से उद्योग जगत को काफी मदद दी गई है. इसके साथ ही तकनीक के मामले में भी राज्य की चीनी उद्योग ने काफी तरक्की की है.

सरकार की मदद की वजह से गन्ना का रकबा पिछले 6 साल में काफी बढ़ा है. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को उम्मीद है कि सुगरकेन सेक्टर की मदद से आने वाले कुछ समय में उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनामी बन सकता है.

राज्य सरकार ने गन्ना सेक्टर को राज्य की अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए सबसे बड़ा कारक माना है. इस समय 45 लाख से अधिक लोग उत्तर प्रदेश की चीनी इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं जिसमें चीनी एथनॉल, गुड़, पावर जेनरेशन, खांडसारी आदि शामिल है.

उत्तर प्रदेश सरकार का मानना है कि राज्य में चीनी उद्योग इस समय 50000 करोड़ रुपए का है. राज्य सरकार अपनी तरफ से काफी कोशिश कर रही है और एथेनॉल के वैल्यू चैन को आकर्षक बनाने की कोशिश में लगी हुई है जिससे कि किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिल सके.

उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने कहा है कि राज्य की चीनी मिलों को प्रोग्रेसिव पॉलिसी इंफ्रास्ट्रक्चर की मदद से उबारने में मदद मिल रही है. सितंबर 2022 में यूपी बायो एनर्जी पॉलिसी लाकर चीनी मिलों और गन्ना किसानों को काफी मदद करने की कोशिश की जा रही है.

सरकार की योजना यह है कि चीनी मिल के साथ बायोगैस प्लांट, बायोडीजल प्रोडक्शन प्लांट और बायो कोल प्रोडक्शन प्लांट को भी बायो एनर्जी वेस्ट की मदद से चलाया जा सके और किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सके.

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