Thursday, April 23, 2026
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“मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना” में युवाओं का आवेदन 15 जुलाई से योजना के तहत प्रशिक्षण 31 अगस्त से प्रारंभ प्रशिक्षण उपरान्त 01 अक्टूबर से युवाओं को राशि मिलना शुरू

युवाओं को सीखने और कमाने की योजना “मुख्यमंत्री सीखो- कमाओ योजना” यह योजना युवाओं को अपने मनमाफिक काम सीखने का मौका देगी। काम सीखने के बाद हर महीने रूपये भी प्राप्त होगें। युवाओं को रोजगार भी देगी और स्वरोजगार से जोड़गी। यह योजना युवाओं को सक्षम ओर स्वाभिमानी बनायेगी। यह योजना तकनीकी शिक्षा,कोशल विकास एवं रोजगार विभाग द्वारा प्रस्तावित नवीन योजना “मुख्यमंत्री सीखो- कमाओ योजना” में आवेदन 15 जुलाई से प्रारंभ और प्रशिक्षण 31 अगस्त से यह योजना युवाओं को नए अवसर के साथ ही अपनी इच्छानुसार काम सीखने के साथ ही रूपये कमाने को मौका भी मिलेगा।

जिले में”मुख्यमंत्री सीखो- कमाओ योजना” के क्रियान्वायन के लिए कलेक्टर श्री प्रवीण ने गत दिनों सभी संबंधित अधिकारियों की बैठक आयोजित कर इस नवीन योजना के क्रियान्वायन के संबंध में आवश्क निर्देश दिए है कि योजना में अधिक से अधिक युवाओं को जाड़ने का प्रयास किया जाए ताकि युवा अपने बेहतर भविष्य एवं रोजगार स्थापित कर सकें। योजना का उद्देश युवाओं को अपना रोजगार स्थापित कर सकें और दुसरों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकें।    युवाओं को प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक माह निर्धारित स्टाइपेण्ड मिलेगा जोकि का 75% राज्य शासन की ओर से छात्र- प्रशिक्षणार्थी को DBT के माध्यम से भुगतान किया जाएगा। प्रतिष्ठान को निर्धारित न्यूनतम स्टाइप्रेण्ड की 25% राशि छात्र- प्रशिक्षणार्थी के बैंक खाते में जमा करना होगी। प्रतिष्ठान निर्धारित राशि से अधिक स्टाइपेण्ड देने के लिए स्वतंत्र होगा।

18 से 29 वर्ष के युवा होंगे पात्र

मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना युवाएं के लिए स्वाभिमान और सम्मान का प्रतीक बनेगी। मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना में 18 से लेकर 29 वर्ष तक के मध्यप्रदेश के निवासी युवा भाग ले सकेंगे।

युवाओं को ट्रेर्निग के दौरान 8 से 10 हजार रूपए तक होगा स्टाइपेंड

 

इस योजना में 12 वी या आईटीआई पास अथवा उच्च शिक्षित युवा भी लाभान्वित हो सकेंगे। योजना के अंतर्गत ट्रेनिंग के दौरान 5 वीं से 12 उत्तीर्ण युवाओं को 8000, आईटीआई पास को 8500, डिप्लोमा धारी को 9000, और स्नातक अथवा उच्च शिक्षित युवाओं को 10 हजार रुपये स्टाइपेंड के रूप में प्रतिमाह प्रतिमाह दिया जाएगा। योजना में प्रशिक्षण के लिए 703 कार्य-क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं। इसमें विनिर्माण क्षेत्र, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिविल, प्रबंधन, मार्केटिंग, होटल मैनेजमेंट, टूरिज्म, ट्रेवल, अस्पताल, रेलवे, आई.टी. सेक्टर, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, बैंकिंग, बीमा, लेखा, चार्टर्ड एकाउंटेंट और अन्य वित्तीय सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों को जोड़ा जाएगा। ऐसे बहुत से कार्य भी निर्धारित किये गये है।

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