नई दिल्ली : देशभर के बिजली उपभोक्ता अब सरकार के ‘टाइम ऑफ द डे’ टैरिफ की बदौलत अपनी बिजली खपत को प्लान कर बिजली बिल में 20 प्रतिशत तक की बचत कर सकेंगे. क्योंकि, विद्युत मंत्रालय नए टैरिफ सिस्टम के तहत पीक ऑवर्स और ऑफ पीक ऑवर्स के दौरान बिजली दर में 10 से 20 फीसदी का अंतर देने की सुविधा लागू करने जा रहा है. इससे ऑफ पीक ऑवर्स में बिजली इस्तेमाल करने पर बिल 10 से 20 फीसदी कम आएगा.
‘टाइम ऑफ द डे’ टैरिफ दिन के समय के आधार पर विभिन्न दरों की सुविधा देगा. ताकि उपभोक्ता उस समय बिजली का इस्तेमाल करते हुए अपने सारे काम जैसे खाना पकाने और कपड़े धो सकें और उन्हें टैरिफ के आधार पर कम बिजली दर चुकानी पड़े. टैरिफ कम होने पर लोग अब ऑफ-पीक घंटों के दौरान कपड़े धोने या खाना पकाने जैसे अपने काम शेड्यूल कर सकेंगे. बिजली मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि नए टैरिफ सिस्टम के तहत सौर घंटों (एक दिन में आठ घंटे) के दौरान बिजली की दर सामान्य शुल्क से 10 प्रतिशत से 20 प्रतिशत कम होगी, जबकि पीक आवर्स के दौरान यह 10 से 20 प्रतिशत अधिक होगा. मंत्रालय के अनुसार ‘टाइम ऑफ द डे’ टैरिफ दर 1 अप्रैल 2024 से 10 किलोवाट की मांग वाले कमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं के लिए लागू होगी. कृषि उपभोक्ताओं को छोड़कर अन्य सभी कैटेगरी के बिजली उपभोक्ताओं के लिए नया नियम 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी किया जाएगा.मंत्रालय ने कहा कि पूरे दिन एक ही दर पर बिजली का शुल्क लेने के बजाय उपयोगकर्ता द्वारा बिजली के लिए भुगतान की जाने वाली कीमत दिन के समय के अनुसार अलग-अलग होगी. केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने कहा कि चूंकि सौर ऊर्जा सस्ती है, इसलिए सौर ऊर्जा घंटों के दौरान टैरिफ कम होगा. उन्होंने कहा कि कि टीओडी टैरिफ में पीक ऑवर्स, सोलर ऑवर्स और सामान्य घंटों के लिए अलग-अलग टैरिफ शामिल हैं, जो उपभोक्ताओं को टैरिफ के अनुसार अपने लोड को प्रबंधित करने के लिए मूल्य संकेत भेजते हैं.




