Wednesday, April 22, 2026
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कोयला घोटाले के आरोपित सूर्यकांत तिवारी के केस में कर्नाटक सरकार ने हटाई दो धाराएं, छत्तीसगढ़ में सियासत शुरू

रायपुर। कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनते ही बंगलुरू में छत्तीसगढ़ के कोयला कारोबारी सूर्यकांत तिवारी पर लगी आइपीसी की दो धाराओं को हटा दिया गया है। इसके बाद से प्रदेश में राजनीति शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि तत्कालीन भाजपा सरकार के दबाव में पुलिस ने अवैधानिक कार्रवाई की थी।

गौरतलब है कि केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बंगलुरू के कादूगोड़ी वाइट फील्ड थाना में जुलाई 2022 को एफआइआर दर्ज कराई थी जिसमें आइपीसी की धारा 384 तथा 120 बी जोड़ी गई थी। ये धाराएं प्रिवेंशन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत जोड़ी गई थीं। इसी आधार पर सूर्यकांत तिवारी की गिरफ्तारी की गई थी।

छत्तीसगढ़ में भी कमजोर हो जाएगा ईडी का केस

इसी केस के आधार पर जांच का दायरा आगे बढ़ाते हुए ईडी ने छत्तीसगढ़ में कोयला परिवहन घोटाले की जांच की और अन्य लोगों की गिरफ्तारी की गई। बंगलुरू में सूर्यकांत के केस से धाराओं को हटाने के बाद मनी लांड्रिंग का केस कमजोर होगा जिससे छत्तीसगढ़ का प्रकरण भी प्रभावित होगा। इससे आरोपितों को राहत मिल सकती है।

कोल घोटाला और मनी लाड्रिंग केस में पिछले कई महीने से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के अधिवक्ता फैजल रिजवी का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के परिप्रेक्ष में ऐसे आपराधिक प्रकरण जिसके आधार पर पीएमएलए के प्रकरण पंजीबद्ध होते हैं, अगर उक्त प्रकरण से दर्शाये गए अपराधों को हटा लिया जाता है तो पीएमएलए के अपराध का कोई औचित्य नहीं रहता है।

इस परिप्रेक्ष्य में कई प्रकरणों में उच्च न्यायालयों ने और पीएमएलए की विशेष अदालतों ने पीएमएलए के अंतर्गत दर्ज अपराधिक प्रकरणों को समाप्त किया है। बंगलुरू में दर्ज सूर्यकांत तिवारी के केस से दो मुख्य धाराओं को हटाने के बाद छत्तीसगढ़ में ईडी की ओर से दर्ज मनीलांड्रिंग का केस काफी कमजोर हो सकता है और प्रकरण भी प्रभावित होगा। इससे यहां हुई गिरफ्तारियों में आरोपितों को राहत मिलने की उम्मीद है।

भाजपा हो चुकी है बेनकाब: बघेल

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ईडी की कार्रवाई पर प्रश्न खड़े कर भाजपा पर निशाना साधा है। बंगलुरू पुलिस के जिस एफआइआर के आधार पर छत्तीसगढ़ में ईडी कार्रवाई कर रही थी,अब वह आधार ही खत्म हो गया है। कर्नाटक में सरकार बदलने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच हुई तो भाजपा बेनकाब हो चुकी है। अब वह धारा ही नहीं बची तो साफ है कि ईडी की कार्रवाई गलत है। न्यायालय पर विश्वास है , न्यायालय का जो फैसला होगा वह मान्य होगा।

भ्रष्टाचारियों को बचाने में लगी कांग्रेस: साव

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव ने कहा कि जिस मामले में कर्नाटक की पुलिस ने गंभीर धाराएं लगाई थी। उसमें कांग्रेस की सरकार आने के बाद धारा हटाना संदेहास्पद है। कांग्रेस और प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एक बार भ्रष्टाचार-भ्रष्टाचारियों की तरफदारी कर रहे हैं। इस मामले में तो वह खुद न्यायाधीश बनते दिख रहे हैं। जिस प्रकरण में ईडी ने सोना, हीरा और जमीन के कागजात जब्त किए हैं, उसके बारे में भी भूपेश को बताना चाहिए। मामला न्यायालय में हैं और भाजपा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ती रहेगी।

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