भारतीय मूल के अजय बंगा (Ajay Banga) ने वर्ल्ड बैंक (World Bank) प्रमुख के रूप में अपना कार्यकाल कुछ समय पहले ही शुरू किया है. वह इस पद पर पांच साल तक सेवाएं देंगे. उनके वर्ल्ड बैंक चेयरमैंन बनने के बाद वैश्विक विकासदर (Global Growth Rate) को लेकर अनुमान जारी किया गया है. रिपोर्ट में इस साल वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में बड़ी गिरावट की आशंका जताई जा रही है. रिपोर्ट में कहा गया कि ऊंची ब्याज दर, रूस-यूक्रेन युद्ध के दुष्प्रभावों और कोविड-19 महामारी के प्रभावों का असर अर्थव्यवस्था पर बना हुआ है.
दुनिया के 189 देशों में गरीबी उन्मूलन के लिए प्रयासरत विश्व बैंक ने नवीनतम वैश्विक परिदृश्य में कहा कि साल 2023 में वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2.1 प्रतिशत रहेगी, जबकि 2022 में यह 3.1 प्रतिशत रही है. विश्व बैंक की तरफ से जारी ‘वैश्विक आर्थिक संभावना’ रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 के लिए नया वृद्धि अनुमान जनवरी के पिछले अनुमान से थोड़ा बेहतर है. वर्ल्ड बैंक ने जनवरी में कहा था कि वैश्विक वृद्धि दर इस साल सिर्फ 1.7 प्रतिशत रहेगी.
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए 6.3 प्रतिशत का अनुमान
वर्ल्ड बैंक ने भारतीय अर्थव्यवस्था के इस साल 6.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान जताया है, जो प्रमुख देशों में सबसे ज्यादा है. वर्ष 2022 में भारत की वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रही थी. दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में केंद्रीय बैंक पिछले साल से ही नीतिगत ब्याज दरों में बढ़ोतरी का रुख अपनाए हुए हैं. बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए फेडरल रिजर्व और अन्य केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरें काफी बढ़ा दी हैं. इसने महामारी की चोट से उबरने में लगी वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने चुनौती बढ़ा दी है.
कोविड-19 महामारी के प्रभाव अभी तक मौजूद
इसके अलावा यूक्रेन पर रूस के हमले की वजह से ऊर्जा एवं खाद्य आपूर्ति का संकट भी बना है. कोविड-19 महामारी के प्रभाव अभी तक मौजूद हैं. इसके बावजूद वर्ल्ड बैंक का अनुमान है कि साल 2024 में वैश्विक अर्थव्यवस्था 2.4 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करने में सफल रहेगी. वर्ल्ड बैंक ने दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका के लिए वर्ष 2023 में वृद्धि दर 1.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है.
हालांकि, यह निचले स्तर पर है लेकिन जनवरी के पिछले अनुमान से करीब दोगुना है. वहीं यूरोपीय संघ की वृद्धि दर इस साल 0.4 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई है. रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से ऊर्जा संकट झेल रहे यूरोपीय संघ के लिए गत जनवरी में शून्य वृद्धि का अनुमान जताया था. वर्ल्ड बैंक ने चीन के लिए वृद्धि अनुमान को बढ़ाकर 5.6 प्रतिशत कर दिया है जबकि साल 2022 में इसकी वृद्धि दर 3 प्रतिशत रही थी. वहीं जापान में वृद्धि दर के एक प्रतिशत से घटकर 0.8 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है.




