305422 किसानों से की जा चुकी है 12 लाख 94 हजार 497 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी : मंत्री श्री राजपूत
भोपाल : गुरूवार, अप्रैल 23, 2026,
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किसानों की संख्या |
उपार्जित गेहूं (क्विंटल में) |
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15 अप्रैल |
42,689 |
18,97,480 |
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16 अप्रैल |
69,554 |
3,07,996 |
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17 अप्रैल |
1,30,655 |
57,13,640 |
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18 अप्रैल |
अवकाश |
अवकाश |
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19 अप्रैल |
1,36,237 |
59,48,980 |
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20 अप्रैल |
1,45,071 |
63,27,410 |
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21 अप्रैल |
1,88,971 |
81,76,970 |
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23 अप्रैल |
3,05,422 |
12,94,497 मीट्रिक टन |
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक 3 लाख 5 हज़ार 422 किसानों से 12 लाख 94 हजार 497 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। एक लाख से अधिक किसानों को 1333 करोड़ 30 लाख रुपए का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जा चुका है। अभी तक 7 लाख 33 हजार किसानों द्वारा 30 लाख 52 हजार मीट्रिक टन गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। किसानों की सुविधा के लिए उपार्जन केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़कर 6 कर दी गई है। इससे समय पर किसानों द्वारा लाये गए गेहूँ की तुलाई हो सकेगी। खरीदी के लिये 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। गेहूँ की खरीदी कार्यालयीन दिवसों में होती है। सेटेलाइट ई-मेल में मिलान नहीं पाए गए खसरों को छोड़कर उसी किसान के शेष खसरों पर गेहूँ की फसल विक्रय हेतु स्लॉट बुकिंग की सुविधा दी गई है।
स्लॉट बुकिंग की क्षमता बढ़ाई
उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके, इसके लिये प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूँ विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 1500 क्विंटल की गयी थी। अब इसे बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्द्र कर दिया गया है।
उपार्जन केंद्र में किसानों के लिये गेहूँ बिक्री की सभी सुविधाएं
मंत्री श्री राजपूत ने बताया है कि उपार्जन केंद्रों में गेहूँ विक्रय की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उपार्जन केन्द्रों में छायादार स्थान में बैठने और पेय जल की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है। केंद्र में बारदाने, तौल कांटे सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छनना आदि की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।
समर्थन मूल्य के साथ बोनस भी
मंत्री श्री राजपूत ने बताया है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उपार्जित गेहूँ में से 9 लाख 69 हजार 615 मीट्रिक टन गेहूँ का परिवहन किया जा चुका है।
उपार्जन के लिए रिकार्ड पंजीयन
प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।




