Russia Ukraine Row: रूस और यूक्रेन के बीच पिछले 3 साल से भीषण जंग चल रही है। रूसी सेना ने हाल में दावा किया था कि उसके हमलों से यूक्रेन को बड़ा नुकसान पहुंचा है। रूसी सेना डोनेट्स्क इलाके में बड़े हिस्से पर कब्जा कर चुकी है। लेकिन इन दावों के बीच अब यूक्रेन ने चौंकाने वाला कदम उठाया है। अपने पूर्वी इलाके डोनेट्स्क में यूक्रेन ने अब रूसी फौजियों पर हमला करने के लिए मशीनगन से लैस ड्रोन तैनात किए हैं। एक महीने पहले ही ये हथियार इस इलाके में पहुंचाए गए थे।
वाइल्ड हॉर्नेट्स ड्रोन में AK-47 असॉल्ट राइफल लगाई गई है। यूक्रेन का दावा है कि इससे रूसी सेना को भारी नुकसान पहुंचा है। एक ऑपरेशन का वीडियो भी जारी किया गया है। वीडियो में दिख रहा है कि ड्रोन से मैदानी हिस्से में डटे रूसी सैनिकों पर फायरिंग की जा रही है। जिससे बचने के लिए रूसी सैनिक नजदीकी जंगल में छिप जाते हैं। लेकिन ड्रोन कतार में छिपे सैनिकों पर वहां भी जोरदार फायरिंग करता है। हालांकि रूसी सैनिक भी इस पर हमला करते हैं। लेकिन नुकसान होने के बाद भी ड्रोन की सफलतापूर्वक उड़ान जारी रहती है।
सेना ने डेवलप किया है ड्रोन
वीडियो में देखा जा सकता है कि बर्स्ट फायरिंग के दौरान ड्रोन राइफल की रिकॉइल को भी ऑपरेट करता है। जिससे निशाना अचूक लगता है। मानवरहित ड्रोन से यूक्रेन ने रूस को बड़ा नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। कीव के अनुसार इस ड्रोन को सेना ने खास तौर पर डेवलप किया है। बुलावा इकाई ने क्वीन ऑफ हॉर्नेट नामक एक अन्य ड्रोन पर भी ग्रेनेड लॉन्चर लगाकर रूस के खिलाफ जंग में इस्तेमाल किया है।बुलावा इकाई यूक्रेनी सेना की सेपरेट प्रेसिडेंशियल बिग्रेड की तीसरी मैकेनाइज्ड यूनिट का हिस्सा है। यूक्रेनी सेना के पूर्व खुफिया अधिकारी कर्नल फिलिप इनग्राम का कहना है कि यूक्रेन तकनीक के सहारे जंग लड़ रहा है। उसके पास कई तरह के घातक ड्रोन हैं। यूक्रेन एडवांस हथियारों से पहले अटैक कर रहा है। जबकि रूस का अधिक ध्यान जवाबी हमलों पर है। नाटो भी यूक्रेन की तकनीक की सराहना कर रहा है।




