भोपाल-31 मई 2026
मध्य प्रदेश में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का फील्ड कार्य दिनांक 30 मई 2026 को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। यह कार्य राज्यभर में 01 मई 2026 से प्रारंभ किया गया था, जिसके अंतर्गत राज्य के सभी ग्रामों एवं नगरीय क्षेत्रों में प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर प्रत्येक मकान एवं उसमें निवासरत परिवारों से भारत सरकार द्वारा अधिसूचित 33 प्रश्नों की जानकारी मोबाइल ऐप के माध्यम से संकलित की गई। ये प्रश्न मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं तथा परिसंपत्तियों से संबंधित थे।
इस बार जनगणना की प्रक्रिया पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संचालित की गई, जिसके अंतर्गत फील्ड कार्य की मॉनिटरिंग भी पोर्टल के माध्यम से की गई। इससे कार्य की गुणवत्ता एवं गति सुनिश्चित हुई।
जनगणना में दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारियाँ जनगणना अधिनियम, 1948 तथा जनगणना नियमावली, 1990 के प्रावधानों के तहत पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी। संकलित आँकड़ों का उपयोग केवल नीति निर्माण एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जाएगा तथा भारत सरकार द्वारा संपूर्ण जनगणना प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात उचित समय पर इन आँकड़ों को जारी किया जाएगा।
राज्य में जनगणना 2027 के प्रथम चरण का कार्य 55 जिलों, 425 नगरीय निकायों एवं 449 तहसीलों के अंतर्गत 54,923 ग्रामों में संपादित किया गया। प्रदेश में इस अभियान के तहत 1,37,000 से अधिक मकानसूचीकरण ब्लॉकों में 1,44,000 से अधिक प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों द्वारा कार्य संपादित किया गया। इसके अतिरिक्त लगभग 15,000 प्रगणक एवं पर्यवेक्षक रिजर्व के रूप में रखे गए थे। पूरे प्रदेश में मकानों की गणना का कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया गया।
जनगणना कार्य में जिला प्रशासन, जनगणना अधिकारियों, पर्यवेक्षकों, प्रगणकों एवं जनसामान्य का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ, जिसके फलस्वरूप यह महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
इसके पूर्व राज्य में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना की प्रक्रिया संचालित की गई थी, जिसमें प्रदेश के 7 लाख से अधिक परिवारों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज की।
जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत जनसंख्या गणना (Population Enumeration – PE) का कार्य फरवरी 2027 में संपादित किया जाएगा। इस चरण में परिवार के सभी सदस्यों से निर्धारित जानकारी एकत्रित की जाएगी।
प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं डिजिटल/सोशल मीडिया द्वारा जनजागरूकता एवं प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई। विभिन्न समाचार माध्यमों के सहयोग से जनगणना के प्रति जनसामान्य में जागरूकता बढ़ी तथा जनसहभागिता सुनिश्चित हुई।
निदेशक जनगणना कार्य, मध्य प्रदेश ने राज्य में प्रथम चरण का कार्य कुशलतापूर्वक संपन्न होने पर राज्य के समस्त निवासियों को इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में उनके अभूतपूर्व सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है तथा आशा व्यक्त की है कि जनगणना 2027 के द्वितीय चरण, जो फरवरी 2027 में संपादित किया जाएगा, में भी ऐसा ही सहयोग प्राप्त होगा |




