भोपाल-31 मई 2026
भोपाल की सुबहें बहुत सुकून वाली होती हैं, पर इस संडे की सुहानी सुबह में सूरज के आगमन के साथ नदी संरक्षण, जल संवर्धन एवं जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डॉ उदय रोमन , जल संरक्षण विशेषज्ञ के नेतृत्व में दिनांक 31 मई 2026 को “कलियासोत रिवर रैली (KRR)” का आयोजन किया गया जिसमे लगभग सौ से ज़्यादा पर्यावरण प्रेमियों ने मिलकर अपने शहर की एक पुरानी धरोहर “हमारी कलियासोत नदी” को पुनर्जीवित करने का बीड़ा उठाया ।
रैली का मार्गदर्शन कर रहे अमेय जल के डॉ अशोक विश्वकर्मा जी ने बताया कि अब वक्त आ गया है जब हम सिर्फ बातें करना छोड़ें और ज़मीन पर उतरकर कुछ ऐसा करें जिससे हमारी आने वाली नस्लों को भी इस मिट्टी की सौंधी खुशबू का अहसास मिलता रहे। KRR (कलियासोत रिवर रैली) – Phase 1 जो की सिर्फ एक रैली नहीं है, हमारे अपने भोपाल की लाइफलाइन को सहेजने की एक दिल से की गई कोशिश है ।

31 मई 2026 को सुबह 6 बजे श्री अशोक मिश्रा ( आईएफ़एस) के निर्देशन में रैली की शुरुआत कलियासोत 13 गेट से की गई ।
सुबह 06:30 बजे: बाघ क्षेत्र के पास कुछ पल रुक कर सड़क के समीप पड़े कचरे को साफ़ करते हुए स्वच्छता सैनिक साइकिल पर एवं पैदल कलियासोत नदी के आंचल में नीचे उतरे । यहाँ से श्री पवन साहितानी , प्रियंका विजय जी, महेंद्र गोगिया जी, संकल्प विनी जी और श्री अमित शर्मा जी के साथ 1.5 किमी का एक सुकून भरा पैदल और साइकिल ट्रैकिंग सफर शुरू हुआ साथ साथ नदी के पानी में पड़े हुए कचरे को भी उठाया गया । इस रैली में छोटे बच्चे, युवा , महिलाएँ एवं सीनियर सिटीजन ने बढ चढ़कर हिस्सा लिया ।
रैली के पहले पड़ाव पर सुबह 07:30 बजे कैपिटल प्रोजेक्ट के शांत फॉरेस्ट एरिया की एक पुरानी, ऐतिहासिक बावड़ी के पास सभी ने विश्राम किया और विशेषज्ञों के साथ कलितासोत नदी के दायें किनारे पर साइकिल ट्रैक , वॉक प्लाजा , ग्रीन कॉरिडोर और विश्राम एरिया विकसित करने के बारे में विचार साझा किए ।
सुबह 07:45 बजे: थोड़ी सी एनर्जी और ढेर सारी उम्मीदें समेटकर, फिर से ये टीम ने नदी के मुहाने पर 2.5 किमी का आगे का सफर किया और गीत गाते हुए स्वच्छता भी करते गए ।
सुबह 08:15 बजे: आखिरी छोर (ब्रिज) पर पहुँचकर ठंडी कोल्ड ड्रिंक्स के साथ खुद को तरोताज़ा किया और मिलकर ब्रिज के नीचे व दाहिने किनारे की सफाई (श्रमदान) किया ।
सुबह 08:30 बजे: अपनी नदी को हमेशा साफ रखने की एक सच्ची शपथ के साथ पहले चरण को पूरा किया ।
इस पूरी रैली में श्री अशोक मिश्रा (IAS), डॉ. ए. के. विश्वकर्मा (Ground Water Hydrologist), पवन साहितानी (Urban Planner) और डॉ उदय रोमन जैसे आदरणीय विशेषज्ञों ने सर्वेक्षण कर निम्न बिन्दुओं पर आगे का प्लान बनाने हेतु प्रोत्साहित किया गया ।
१.नदी के बाएं किनारे को और सुंदर बनाने का एक खाका तैयार करेंगे।
१. उन रास्तों (सीवेज पॉइंट्स) को पहचानेंगे जहाँ से नदी में गंदगी मिल रही है, ताकि उन्हें रोका जा सके।
२. एक ऐसा प्लान बनाएंगे जिससे आस-पास के कुओं और बावड़ियों का जलस्तर हमेशा बना रहे और उनमें बारहों मास पानी रहे।
३. कोशिश करेंगे कि कड़कती गर्मियों में भी हमारी यह नदी कभी सूखी न दिखे, हमेशा उसमें 3-4 मीटर पानी मुस्कुराता रहे।
४. आस-पास के बिल्डर्स को रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए प्रेरित करेंगे और पूरी 22 किमी की रेंज में प्यारे-प्यारे पेड़ पौधे लगाने (वृक्षारोपण) की तैयारी करना है ।
इस अभियान मूल उद्देश्य कलियासोत नदी के संरक्षण, पुनर्जीवन एवं दीर्घकालीन जल प्रबंधन हेतु व्यवहारिक एवं तकनीकी कार्ययोजना तैयार करना है।इसी आशय से रैली समाप्त होने के पश्चात विशेषज्ञ कलियासोत नदी के आगे का लगभग 7 किलोमीटर क्षेत्र का साइकिल द्वारा भ्रमण कर नदी के बाएँ किनारे के सौंदर्यीकरण, सीवेज डिस्पोजल पॉइंट्स की पहचान, नदी तट कटाव, गाद जमाव, बेस फ्लो संरक्षण एवं जल भंडारण की संभावनाओं का अध्ययन किया गया ।
अंत में इस अवसर पर डॉ उदय रोमन द्वारा सभी पर्यावरण प्रेमियों, युवा साथियों, साइकिल समूहों, सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस जनभागीदारी अभियान से जुड़कर नदी संरक्षण के इस महत्वपूर्ण प्रयास में सहभागी बनें। उन्होंने यह भी बताया कि इस अभियान का दूसरा चरण सर्व धर्म ब्रिज के पास साफ़ सफ़ाई एवं कलियासोत नदी की किनारे वृहद् वृक्षारोपण के साथ 14 जून 26 फिर शुरू होगा । सभी भोपाल वसियों को स्वच्छता और नदी संरक्षण के इस नेक काम में शामिल होने हेतु आवाहन किया गया ।
“स्वच्छ नदी – सुरक्षित भविष्य”
“Pedals for the Planet, caring Nature for the Nation”




