Saturday, April 18, 2026
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‘विद्यार्थी के लिए आधार, अब विद्यालय के द्वार’ पहल से मध्यप्रदेश में 15 लाख छात्रों का बायोमेट्रिक अपडेट पूर्ण

2000 से अधिक स्कूलों में लगे शिविर, परीक्षाओं व छात्रवृत्ति के लिए अपडेट आधार अनिवार्य

प्रदेश में विद्यार्थियों की सुविधा और शैक्षणिक सेवाओं तक सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित ‘विद्यार्थी के लिए आधार, अब विद्यालय के द्वार’ पहल के अंतर्गत अब तक 15 लाख से अधिक छात्रों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। यह अभियान स्कूल शिक्षा विभाग, राज्य शिक्षा केंद्र तथा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।

विद्यालयों में प्रवेश, प्रतियोगी परीक्षाओं, छात्रवृत्तियों तथा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजनाओं का लाभ लेने के लिए नवीनतम बायोमेट्रिक्स युक्त आधार कार्ड अनिवार्य है। NTA, UPSC सहित विभिन्न परीक्षा एजेंसियों द्वारा JEE, NEET जैसी परीक्षाओं में आवेदन एवं परीक्षा केंद्रों पर आधार आधारित पहचान को आवश्यक किए जाने के बाद इस अपडेट का महत्व और बढ़ गया है।

अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट में आधार कार्ड में फोटो, आइरिस स्कैन और फिंगरप्रिंट का अद्यतन शामिल है। पहला MBU 5 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर तथा दूसरा 15 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर किया जाना आवश्यक है। 5 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए यह प्रक्रिया निःशुल्क है।

UIDAI और भारत सरकार के विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सहयोग से UDISE+ पोर्टल के माध्यम से स्कूलों को छात्रों के आधार में लंबित MBU की स्थिति देखने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई संभव हो सकी है।

इस पहल की शुरुआत 15 अगस्त 2025 को की गई थी। बीते चार महीनों में, 31 दिसंबर 2025 तक, प्रदेशभर के 2000 से अधिक स्कूलों में विशेष MBU शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों तथा आधार सेवा केंद्रों के माध्यम से 15 लाख से अधिक छात्रों ने अपना बायोमेट्रिक अपडेट कराया। साथ ही, मध्यप्रदेश में CBSE के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा भी सभी सीबीएसई स्कूलों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे छात्रों एवं अभिभावकों को लंबित MBU शीघ्र पूर्ण कराने के लिए प्रेरित करें।

स्कूल शिक्षा विभाग, राज्य शिक्षा केंद्र एवं UIDAI द्वारा यह अभियान वर्तमान शैक्षणिक सत्र के अंत तक जारी रहेगा, जिसमें ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों पर विशेष फोकस रखा जाएगा, जिससे अधिकतम छात्रों को इस पहल का लाभ मिल सके।

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