विदिशा : बुधवार, जुलाई 9, 2025,
कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने जिले में पंजीकृत एफपीओ एवं सीएलएफ के कार्यो की समीक्षा बैठक बुधवार को आयोजित की गई थी। कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार में आयोजित इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री ओपी सनोड़िया, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उप संचालक श्री केएस खपेडिया, पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग के उप संचालक श्री एनके शुक्ला, नाबार्ड की जिला प्रबंधक श्रीमती जसप्रीत कौर, लीड़ बैंक आफीसर श्री बीएस बघेल के अलावा एफपीओ एवं सीएलएफ के सदस्यगण तथा विभिन्न विभागो के अधिकारी मौजूद रहें।
कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने जिले में कृषक उत्पादक कंपनी, संगठन (एफपीओ) के उद्धेश्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि किसान अकेले परेशान ना हो इसके लिए किसान संगठन मे रहे और उनके उत्पादको का बेहतर दाम मिले और संगठन के माध्यम से क्षेत्र में ख्याति अर्जित करना है। उन्होंने सभी एफपीओ के सदस्यो से कहा कि नरवाई नहीं जलाने वाले एफपीओ को पुरस्कृत करने हेतु जिला पंचायत सीईओ को प्रक्रिया क्रियान्वित कराने के निर्देेश दिए गए है। इससे पहले जिले में कुल कितने एफपीओ, सीएलएफ पंजीकृत है उनके क्लस्टरवार अलग-अलग छोटे-छोटे ग्रुप गठित करने की सलाह दी गई ताकि सशक्तिकरण के क्षेत्र में आर्थिक रूप से सबल हो सके।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उप संचालक को निर्देश दिए है कि जिले में हरेक एफपीओ के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए जो किसान संगठन के पदाधिकारियों को कार्यो के क्रियान्वयन में कहीं कोई दिक्कत आती है तो उसका समाधान अविलम्ब हो सकें। उन्होंने हरेक एफपीओ में कितने कितने किसान जुडे है और उनके द्वारा क्या खरीदी कार्य किए जाते है और उनका वार्षिक टर्न ओवर कितना है इत्यादि के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की गई है।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने निर्देश दिए है कि एफपीओ में पंजीकृत सभी किसान सदस्यो के केसीसी जारी किए जाए उनके द्वारा दुग्ध उत्पादन हेतु जो भी पशु क्रय किए जाते है उनका बीमा हो। उन्होंने हरेक एफपीओ को खाद लायसेंस जारी करने के निर्देश दिए है ताकि स्थानीय स्तर पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की व्यवस्था क्रियान्वित हो सकें। कलेक्टर श्री गुप्ता ने एफपीओ के माध्यम से संचालित गतिविधियों का जायजा लेने के दौरान उन्होंने सुकर पालन की और भी ध्यान देने की बात कही है। उन्होंने कस्टम हायरिंग, फार्म हाउस के संचालन हेतु पंचायतो में जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के संबंध में भी निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि हरेक एफपीओ में कम से कम एक-एक ड्रोन दीदी को रिस्पांस दिया जाए।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने महिला किसान उत्पादक संगठन के प्रतिनिधियोें से भी चर्चा की। जिले मंे डेयरी व्यवसाय को संचालित कर रहे महिला संगठनो के लिए किए जाने वाले प्रबंधो से अवगत हुए और एफपीओ के माध्यम से गौ-शाला संचालन में महिलाओं के प्रतिनिधित्व में बढोतरी हो कि और ध्यान देने के निर्देश दिए है। इस दौरान महिला किसान उत्पादक संगठन के प्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने एफपीओ के माध्यम से संपादित किए जाने वाले कार्येा का विवरण प्र्रस्तुत किया गया जिसमें प्रमुख रूप से सदस्यो की संख्या, उत्पादन की मात्रा और मार्केटिंग के साथ-साथ वार्षिक खर्च व आमदनी पर आधारित जानकारियां सांझा की गई है।
समीक्षात्मक बैठक में पशु चिकित्सा सेवाएं, मत्स्यपालन और उद्यानिकी विभाग के माध्यम से संचालित योजनाओं की जानकारियां संबंधित विभागीय अधिकारियों के द्वारा पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत की गई और इन योजनाओं के लाभ प्राप्ति के लिए निर्धारित पैरामीटर के अलावा उन पर प्रदाय अनुदान के संबंध में अवगत कराया गया है। काॅ-आपरेटिव बैक के सीईओ श्री विनय प्रकाश सिंह ने हितग्राहीमूलक योजनाओं के साथ-साथ एफपीओ और सीएलएफ के प्रबंधन के गठित सदस्यो को वित्तीय पोषण के लिए निर्धारित मापदण्डो की जानकारियां सांझा की है।




