विदिशा : गुरूवार, जून 26, 2025,
कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने आज विदिशा जिले में संचालित समस्त अशासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, हाई स्कूल, माध्यमिक, प्राथमिक विद्यालय (सीबीएसई), विद्यालय के संचालको की बैठक आयोजित कर उन्हें शासन के दिशा निर्देशानुसार शैक्षणिक संस्थानो में गतिविधियों का क्रियान्वयन कराने हेतु सचेत किया है।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि अशासकीय विद्यालयो में अध्ययनरत बच्चो को शासन की जिन-जिन योजनाओं के हितलाभ हेतु पात्रता रखते है वे उससे वंचित ना रहे यह दायित्व संबंधित शैक्षणिक संस्था का भी होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के बस्तो का वजन कक्षावार तय किया गया है जिसका पालन सुनिश्चित हो। कोई भी शैक्षणिक संस्थान अनावश्यक रूप से अभिभावको को पुस्तके, ड्रेस खरीदने अथवा अन्य सामग्री खरीदने के लिए दबाव नहीं बनाएंगे। जिन स्कूलो के लिए एनसीआरटी की किताबे बाध्य की गई है वे अन्य निजी प्रशासको की किताबे खरीदने के लिए किसी भी प्रकार का दबाव नहीं बनाएंगे। उन्होंने कहा कि यह पहली बैठक है अतः सभी अशासकीय स्कूलो के संचालक व मौजूद प्रतिनिधि ऐसी कार्यप्रणाली अपनाएं कि शासकीय नियमो की अनदेखी ना हो और ना ही कहीं से शिकायते प्राप्त हो।
कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार कक्ष में आयोजित इस बैठक में जिन एजेण्डा बिन्दुओं पर चर्चा कर क्रियान्वयन कराने हेतु निर्देशित किया गया उनमें सभी विद्यालयो के लिए शैक्षणिक सत्र 2025-26 में बढाई गई फीस के औचित्य एवं कारणो को स्कूलवार रेखांकित किया गया। विद्यालयों में खेल सुविधाएं, प्ले ग्राउण्ड तथा कितने बच्चों के द्वारा स्टेट एवं नेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया कि जानकारी तथा इस शैक्षणिक सत्र में ली जाने वाली फीस की विस्तृत जानकारी जैसे एडमिशन, क्रीड़ा, स्काउट, रेडक्रास, कैरियर काउसंलिग, शाला विकास, शिक्षण शुल्क, परिवहन शुल्क आदि की जानकारी, ईको क्लब पौधरोपण की जानकारी शामिल है।
अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को स्कूल तक आने जाने के लिए उपयोग में लाए जाने वाले वाहन जैसे बस, आटो के संबंध में जिला परिवहन अधिकारी के द्वारा आवश्यक जानकारियां सांझा की गई और हरेक स्कूल में एक-एक वाहन प्रभारी नियुक्त करने के सुझाव पर सहमति व्यक्त की गई है वही आटो में निर्धारित संख्या में बच्चो को लाने ले जाने का कार्य किया जाए। बच्चे किन-किन आटो से आते है उन आटो के नम्बरो संबंधी जानकारी स्कूलो में संधारित की जाए। जिले में एक भी डमी स्कूल संचालित ना हो, विद्यालय में लागू पाठ्यक्रम निर्धारण पर चर्चा की गई इसके अलावा फीस विनियमन अधिनियम 2017 तथा संशोधन अधिनियम के साथ-साथ पाठयक्रम एवं अन्य गतिविधियों, आरटीई की जानकारी और विद्यालय में फायर प्लान के संबंध में डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेट होमगार्ड के द्वारा फायर सेफ्टी, बच्चे जिस मार्ग से आते है वहां स्कूल के आसपास पुल-पुलियां है तो पानी भरे रहने की स्थिति में गार्जन अथवा अध्यापको की देखरेख में रास्ता पार कराया जाए। फायर प्लान बाढ से बचाव सहित अन्य आपदाओ से बचाव व जानकारी के लिए सचेत एप डाउनलोड करने हेतु उपस्थित प्रतिनिधियों को सलाह दी गई है।
उक्त बैठक में संयुक्त कलेक्टर व शिक्षा विभाग की जिला नोडल अधिकारी श्रीमती शशि मिश्रा, डीपीसी, जिला शिक्षा अधिकारी समेत शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारीगण तथा अशासकीय विद्यालयो के संचालक, प्रतिनिधि मौजूद रहे।




