भोपालः मध्य प्रदेश होमगार्ड में 15 वर्ष बाद फिर भर्ती होने जा रही है। अगले चार वर्ष में चरणबद्ध तरीके से पांच हजार पद भरे जाएंगे। नई भर्ती के साथ ही भर्ती नियम भी बदलने की तैयारी है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण यह है कि अब उन्हें प्रदेश में कहीं भी स्थानांतरित किया जा सकेगा। अभी तक पूरे सेवाकाल में उनकी पदस्थापना किसी एक जिले में ही रहती है।होमगार्ड के जवानों को ही राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) में भेजा जाता है। आपदा में उनकी कहीं भी आवश्यकता पड़ जाती है, इस कारण भर्ती नियम इस तरह बनाए जा रहे हैं कि उन्हें कहीं भी पदस्थ किया जा सके। यहां तक कि आवश्यकता होने पर सहायता के लिए दूसरे राज्यों में भेजा जा सके।
प्रदेश में 10 हजार से भी कम होमगार्ड
बता दें, प्रदेश में होमगार्ड में अधिकारी-कर्मचारियों के 15 हजार पद हैं, लेकिन लंबे समय से भर्ती नहीं होने और कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने से यह संख्या 10 हजार से नीचे आ गई है।
अधिकारियों ने बताया कि होम गार्ड को डाइंग काडर बना दिया गया था, यानी जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे थे उनकी जगह नई भर्ती नहीं की जा रही थी। इसी कारण वर्ष 2009 के बाद से भर्ती ही नहीं हुई। वर्ष 2016 में 2600 जवानों की भर्ती अस्थायी तौर पर सिर्फ सिंहस्थ के लिए की गई थी, बाद में उन्हें नियमित सेवा में शामिल कर लिया गया।
होमगार्ड की सेवा शर्तों में सुधार
अधिकारियों का कहना है कि उनकी सेवा शर्तें भी बहुत सुधर गई हैं। जिला पुलिस बल में आरक्षक के लगभग बराबर ही उन्हें प्रारंभिक वेतन मिलता है। ग्रेड-पे और वेतनमान का लाभ भी मिलता है। वेतनवृद्धि जरूर जिला पुलिस बल की तरह नहीं होती। सेवा शर्तें बेहतर होने के कारण ही अब उनकी सेवा स्थानांतरणीय बनाई जा रही है।




