हाथरस। 2 जून को हाथरस में सत्संग के दौरान हुई भगदड़ से 123 लोगों की मौत के मुख्य आरोपी को सीजेएम कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।पुलिस ने शुक्रवार रात को उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया था। उसके बाद शनिवार को न्यायालय के सामने पेश किया गया। बता दें कि देवप्रकाश मधुकर पर प्रशासन ने 1 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।
वकील ने पुलिस के दावे को किया खारिज
सूरजपाल उर्फ भोले बाबा के वकील एपी सिंह ने अलग ही कहानी बताई है। उनका दावा है कि देवप्रकाश मधुकर को गिरफ्तार नहीं किया गया था। उसने आत्मसमर्पण किया है। पुलिस ने मधुकर सहित हाथरस भगदड़ कांड में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
वकील एपी सिंह ने कहा कि हाथरस भगदड़ के बाद देव प्रकाश मधुकर को मुख्य आरोपी बनाया गया था। उन्होंने एसआई, एसटीएफ और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्होंने कहा कि हमने कुछ नहीं किया है। हमारा कोई अपराध नहीं है, इसलिए जमानत के लिए अर्जी भी नहीं डालेंगे। हम कोर्ट का रास्ता भी नहीं देखेंगे।
प्रवचन के बाद मची थी भगदड़
हाथरस के सिंकदराराऊ में मंगलवार को सूरजपाल सिंह का सत्संग था। उसके जाते ही भगदड़ मचने से 123 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने मुख्य सेवादार देवप्रकाश मधुकर, अन्य आयोजकों व सेवादारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी थी।




