Thursday, April 16, 2026
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पल्स पोलियो अभियान की जिला टास्क फोर्स बैठक संपन्न

भोपाल में 23 जून को शून्य से 5 वर्ष तक के बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की दवा

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत भोपाल श्री ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में पल्स पोलियो जिला टॉस्क फोर्स की बैठक का आयोजन बुधवार को जिला पंचायत सभागार में संपन्न हुई।

बैठक में बताया गया कि भोपाल जिले में पल्स पोलियो अभियान का आयोजन 23 जून को किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत पोलियो से सुरक्षा के लिए जन्म से 5 साल तक के प्रत्येक बच्चे को दवा पिलाई जाएगी। सीईओ श्री सिंह ने बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि थ्री-लेयर प्लान बनाकर भोपाल जिले के शत-प्रतिशत बच्चों को पोलियो की दवाई पिलाने के लिए टीमों का गठन किया जाए। माइक्रो स्तर पर बूथ लेवल, कर्मचारी उनके सुपर विजन के लिए ब्लॉक स्तर पर एवं इसकी मॉनीटरिंग जिला स्तर पर हो ताकि शत-प्रतिशत लक्ष्य को हासिल किया जा सके।

भोपाल जिले में लगभग 3 लाख 50 हजार से अधिक बच्चों को पोलियो की दवाई पिलाई जाएगी। साथ ही उन्होंने भोपाल के सभी अभिभावकों से अपील की है कि 23 जून को अपने 0 से 5 वर्ष के बच्चों को पोलियो की दवाई अवश्य पिलवाएं। बैठक में अनुविभागीय दंडाधिकारी, नगर निगम, स्वास्थ्य संस्थाओं के अधिकारी, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, गांधी मेडिकल कॉलेज, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, आयुष विभाग, गैस राहत विभाग, कस्तूरबा चिकित्सालय, रेलवे हॉस्पिटल, बीमा अस्पताल, पुलिस अस्पताल, मिलिट्री अस्पताल, इंडियन एकेडमी ऑफ़ पेडियाट्रिक, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, नर्सिंग कॉलेज एसोसिएशन, विश्व स्वास्थ्य संगठन, जन अभियान परिषद सहित विभिन्न गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहें।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि अभियान के तहत जिले में लगभग साढ़े तीन लाख बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर दवा पिलाने पर विशेष जोर रहेगा ताकि प्रथम दिवस पर ही अधिकांश बच्चे पोलियो की दवा का सेवन कर सकें। जिले में 3000 से अधिक बूथ बनाए गए हैं। निर्माणाधीन इमारतों, ईंट भट्टे, क्रेशर पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चों एवं घुमंतू आबादी के बच्चों को दवा पिलाने के लिए मोबाइल टीम बनाई गई है। जिले से बाहर जाने वाले एवं जिले में आने वाले 5 साल तक के प्रत्येक बच्चे को दवा पिलाने के लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं नाकों पर ट्रांजिट टीम तैनात रहेगी । 23 जून का आयोजित पल्स पोलियो अभियान की तैयारी को लेकर ब्लॉक टास्क फोर्स बैठकों का आयोजन भी किया गया है।

बैठकों में अनुविभागीय अधिकारियों द्वारा कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा कर की जा रही है। कलेक्टर भोपाल श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशानुसार इन बैठकों में भोपाल के 08 अनुविभागीय सर्कल में ये बैठकें आयोजित की गई। बैठकों में अंतर विभागीय समन्वय,मानव संसाधन की उपलब्धता एवं जन जागरूकता के लिए कार्ययोजना पर चर्चा की गई। साथ ही पोलियो अभियान में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, नगर निगम,पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नर्सिंग कॉलेज एवं एनजीओ की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बैठकों में सभी विभागों से समन्वय एवं सहयोग लिया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी ने कहा कि अभियान में जन्म से 5 साल तक की उम्र के प्रत्येक बच्चे को दवा की दो बूंद पिलाई जायेगी। जो बच्चे यह दवा पहले ले चुके हैं, उन्हें भी यह दवा फिर से लेना जरूरी है, जिससे कि यह बीमारी हमेंशा के लिए समाप्त हो जाए। भारत में पोलियो का आखिरी केस साल 2011 में मिला था, जबकि मध्यप्रदेश में 2008 के बाद से कोई भी नया पोलियो केस नहीं मिला है। भारत पोलियो मुक्त है, लेकिन भारत के कुछ पड़ोसी देशो में पोलियो के केस अभी भी है। इसलिये ये ज़रूरी है कि पोलियो से सुरक्षा के लिए बच्चों को अभियान के दौरान दवा का सेवन अनिवार्य रूप से करवाया जाए। जिले में आने एवं बाहर जाने वाले हर बच्चे को भी दवा पिलवाई जा सकेगी। अभियान में 310 सुपरवाईजर, 20 मोबाईल टीम एवं 133 ट्रांजिट टीमें बनाई गई हैं।

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