आसिम अली जरदारी की पार्टी पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) का सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है। उनके सामने महमूद खान अचकजई चुनाव लड़ रहे थे, लेकिन उन्हें जरदारी ने भारी बहुमत से हाराया है। उन्होंने 255 सांसदों का समर्थन हासिल हुआ, जबकि अचकजई 119 वोट ही पा सके।
नतीजे आने के बाद जश्न का माहौल
पीपीपी पार्टी के समर्थकों को जरदारी की जीत का पूरा विश्वास था, इसलिए नतीजों से पहले ही उनमें जोश था। वह जश्न के माहौल में डूबे हुए थे। जरदारी की दोनों बेटियों ने कहा कि पीपीपी राष्ट्रपति के चुनाव में जीती है, इसलिए पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को बधाई। जरदारी के मृत पड़े राजनीतिक जीवन में राष्ट्रपति का चुनाव ऑक्सीजन की तरह आया है। वह भ्रष्टारा व हत्या के आरोपों में 11 साल जेल में बिता चुके हैं। इस मामले में उन पर लगे आरोप कभी भी सच साबित नहीं हो पाए।
शहबाज शरीफ ने दी बधाई
आसिफ अली जरदारी के राष्ट्रपति बनते ही प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनको बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रांतीय व राष्ट्रीय विधायकों के सदस्यों का सत्तारूड़ गठबंधन पर भरोसा है। मुझे पूरा भरोसा है कि जरदारी राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे। लोकतांत्रिक तरीके से उनका जाना दिखाता है कि पाकिस्तान में लोकतांत्रिक मूल्य हैं।




