Indore Court News: इंदौर,। पत्नी और दो जुड़वा बच्चों की अनदेखी ट्रांसपोर्टर पति को भारी पड़ी। उसने यह कहते हुए कि उसकी खुद की आय सिर्फ 42 हजार है अपने दायित्व से बचने की कोशिश की थी लेकिन न्यायालय ने उसकी एक न सुनी। न्यायालय ने पति को आदेश दिया कि उसे उस दिनांक से पत्नी और बच्चों का भरण पोषण देना होगा जिस दिनांक को पत्नी को घर छोड़ना पड़ा था। कोर्ट ने पति को आठ लाख रुपये एक मुश्त भुगतान को भी कहा है।
इंदौर निवासी महिला का वर्ष 2018 में अहमदाबाद के एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी से विवाह हुआ था। एक वर्ष बाद महिला ने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। इनमें से एक बच्चे के दाहिने अंग कमजोर हैं। वर्ष 2020 में पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगे। आरोप है कि पति पत्नी के साथ मारपीट भी करता था। इससे परेशान होकर महिला दोनों जुड़वा बच्चों को लेकर अपने मायके इंदौर आ गई। उसने कुटुम्ब न्यायालय में अपने और अपने बच्चों के लिए भरण पोषण की मां करते हुए परिवाद प्रस्तुत किया।कोर्ट का समन मिलने पर पति न्यायालय के समक्ष उपस्थित हुआ और उसने बताया कि उसकी आय सिर्फ 42 लाख है। पत्नी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि पति के पांच बड़े ट्राले हैं। चार मंजिला मकान है, इसके अलावा कई बैंकों में खाते भी हैं। न्यायालय ने प्रकरण के तथ्यों को देखते हुए पति को प्रतिमाह 40 हजार रुपये बच्चों और पत्नी के भरण पोषण के रूप में देने के आदेश दिए।गोगादेव महोत्सव पूरे शहर में उल्हास के साथ मनाया जाएगा। शुक्रवार को वाल्मिकी बस्तियों से छड़ी और झांकियां सजाकर राजबाड़ा पहुंचेंगे। वहां से पंढरीनाथ गोगादेव मंदिर पर पूजन होगा। बस्तियों और मोहल्लों से आने वाली छड़ियों का जगह-जगह मंच के माध्यम से स्वागत भी किया जाएगा।




