Sunday, May 10, 2026
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फैमिली सुसाइड केस… भोपाल की बैंक शाखाओं में ही जमा हो रही थी लोन एप से ठगी की राशि

भोपाल। आनलाइन लोन एप के जाल में बुरी तरह फंसने के बाद पत्नी-बच्चों सहित जान देने वाले भूपेंद्र विश्वकर्मा के रुपये ठगने वाले जिन अपराधियों को पुलिस देशभर में तलाश रही थी, वे शहर में ही मौजूद थे। लोन एप की ठगी की राशि कई जगहों से होती हुई शहर की बैंक शाखाओं के खातों में जमा हो रही थी। यह खुलासा इस मामले में गिरफ्तार पांच आरोपितों से पूछताछ में हुआ है। पूरे मामले में एक निजी बैंक का प्रबंधक और कर्मचारी भी संदेह के घेरे में है।

 

 

 

 

गौरतलब है कि रातीबड़ के नीलबड़ में आनलाइन लोन एप के जाल में फंसकर परिवार सहित खुदकुशी करने वाले भूपेंद्र विश्वकर्मा को जान देने के लिए मजबूर करने के मामले में पुलिस ने पांच आरोपितों को रविवार को गिरफ्तार किया था। इन आरोपितों से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस ने बताया कि ऐसा पहली बार है कि जब देश में साइबर धोखाधड़ी के मामले में भोपाल के निवासियों के बैंक खातों का उपयोग हुआ है।

ऐसे हो रही थी ठगी

 

 

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने बताया कि साइबर ठगी की राशि जमा कराने और उसे यहां-वहां घुमाकर खपाने के लिए शहर के बैंकों में खाते खोलकर उनके नंबर महाराष्ट्र और हरियाणा भेजे जा रहे थे। जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनमें से दो के खातों में हरियाणा और महाराष्ट्र से रुपये आए हैं। पूछताछ में इन दोनों ने अपने खाते खुलवाकर अन्य लोगों को पासबुक और एटीएम कार्ड देने की बात स्वीकारी है।

ये आरोपित हुए हैं गिरफ्तार

 

 

सामूहिक खुदकुशी के मामले में अमायरा ट्रेडर्स के प्रोपराइटर शारिक बेग (25) निवासी लांबाखेड़ा ईंटखेड़ी, यस बैंक के कर्मचारी फरहान रहमान (30) निवासी सब्जी मंडी के पास अशोका गार्डन, अरशद बेग (29) निवासी इस्लामपुरा तलैया, मोहम्मद उवैस खान (27) निवासी जुमेराती हनुमानगंज और शाहजवा खान उर्फ शाजी (31) निवासी कमला पार्क तलैया को गिरफ्तार किया गया था है।

बैंक कर्मचारी ने खुलवाया था खाता

 

 

यस बैंक के कर्मचारी फरहान ने अमायरा ट्रेडर्स का खाता खुलवाया था। ठगी के रुपये ट्रांसफर करने के कमीशन के 1.80 लाख रुपये इन्होंने आपस में बांट लिए थे। जिस व्यक्ति ने यह रुपये दिए थे, पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। इसमें बैंक के अन्य कर्मचारी भी संदेह के घेरे में हैं। पुलिस ने यहां के संदेहास्पद खातों में हुए सभी लेन-देन की रिपोर्ट मांगी है।

यह था घटनाक्रम

 

 

नीलबड़ स्थित शिव विहार कालोनी निवासी भूपेंद्र विश्वकर्मा (38) ने 12 जुलाई की रात अपने दोनों बच्चे ऋषिराज (9) और ऋतुराज (3) को जहर देकर पत्नी ऋतु (34) के साथ फंदा लगा लिया था। मृतक ने चार पेज के सुसाइड नोट में एक आनलाइन काम देने वाली कंपनी में निवेश और फिर वहां लगे जुर्माने को भरने के लिए चाइनीज लोन एप से कर्ज लेने की बात कही थी।
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