Kim Jong Un crazy story: उत्तर कोरिया के तानाशाह राष्ट्रपति किम जोंग उन कब किस पर मेहरबान हो जाएं कब किससे खफा शायद उन्हें भी पता नहीं होता होगा. कुछ महीनों पहले उन्होंने एक आदेश दिया था जिसमें कहा ऐसे सभी लोग जिनके बेटियों के नाम उनकी बेटी पर है उसे बदल दें, बाकायदा इसके लिए उन्होंने समय सीमा भी निर्धारित की थी. उनके बारे में कहा जाता है कि साथ में रहने वाले अतिविश्वस्त भी हमेशा खौफ के साए में जीते हैं. किम के लिए रिश्तों का मतलब नहीं होता. अगर वो रिश्तों की परवाह करते तो अपने सगे चाचा और बुआ के साथ अमानवीय हरकत का आदेश नहीं देते. यहां पर हम एक ऐसे प्रसंग का जिक्र करेंगे जिसमें किम जोंग उन ने चाचा-बुआ को इस तरह से काल के गाल में भेजने का आदेश दिया जिसे सुनकर हिम्मती शख्स के भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे.
जिसमें देखा खतरा, रास्ते से हटा दियामामला 2011 का है, किम जोंग उन के पिता की मौत हो चुकी थी और परंपरा के हिसाब से उन्हें गद्दी संभालने का मौका मिला. गद्दी संभालते ही किम ने उन लोगों की पहचान करनी शुरू की जो या तो उनके लिए भविष्य में खतरा बन सकते थे या शासन सत्ता में रोड़े अटका सकते थे. जिन नेताओं और अधिकारियों में उन्होंने खुद के लिए खौफ देखा उसे रास्ते से हटाने का फैसला किया. उस क्रम में उन्होंने हत्याएं करानी शुरू कर दी. बताया जाता है कि 2011 से अब तक वो करीब 70 प्रभावशाली लोगों को मौत के घाट उतरवा चुके हैं जिनमें उनके नजदीकी रिश्तेदार भी हैं.
फूफा को दी क्वां जू सजा
किम जोंग उन पर सबसे सनसनीखेज इल्जाम अपने चाचा की हत्या का लगा. जोंग को लगने लगा था कि पार्टी के अंदर उनके चाचा गुटबाजी के साथ साथ सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं. जानकार कहते हैं कि यह महज शक उसके पीछे कोई पुख्ता आधार नहीं था लेकिन किम के दिमाग में यह बात घर कर चुकी थी कि चाचा ही सबसे बड़ा खतरा बन सकते थे,लिहाजा उन्हें मारने का आदेश जारी कर दिया.यही नहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक किम जोंग उन ने अपने फूफा को भी दर्दनाक मौत दी थी. फूफा को उसने करीब 100 कुत्तों के सामने छोड़ दिया और कुत्ते उन्हें नोच नोच कर खा गए थे. जब उनके फूफा जिंदगी की भीख मांग रहे थे वो किम मुस्कुरा रहा था. बताया जाता है कि उत्तर कोरिया में इस तरह की सजा आम बात है जिसे क्वां जू नाम दिया गया है.




