Drug Trafficking Sentence: सिंगापुर में एक 45 साल का महिला सारीदेवी बिंटे जमानी को ड्रग तस्करी के मामले में फांसी दी गई है. अधिकारियों के मुताबिक पिछले 20 साल में यह पहली फांसी है. महिला को 30.72 ग्राम हेरोइन की तस्करी के लिये दोषी पाया गया था. सिंगापुर में अगर कोई शख्स करीब 15 ग्राम से अधिक हेरोइन तस्करी के जुर्म में दोषी पाया गया तो उसे फांसी की सजा दी जाती है. जमनी को 2018 में निचली अदालत ने दोषी ठहराया था. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि पूरी न्यायिक प्रक्रिया में आरोपी को पूरी कानूनी मदद मुहैया करायी ताकि वो अपने को बेगुनाह साबित कर सके. कानूनी प्रक्रिया करीब चार साल चली और 6 अक्टूबर 2022 को कोर्ट अपील में उसकी अर्जी खारिज हुई. अदालत ने राष्ट्रपति द्वारा मिलने वाले क्षमादान को भी खारिज कर दिया था. दुनिया के 20 देशों में ड्रग ट्रैफिकिंग के लिए कठोर सजा दी जाती है.
दुनिया के इन देशों में मौत की सजा
अरब देशों में हेरोइन की तस्करी के लिए जो लोग दोषी पाए जाते हैं उन्हें मौत की सजा मिलती है. इसके साथ ही उत्तर कोरिया, फिलीपींस, मलेशिया में भी मौत की सजा दी जाती है. थाइलैंड, चीन और वियतनाम में तस्करों और ड्रग एडिक्ट को रिहैबलिटेशन सेंटर में भर्ती कराया जाता है.
| देश | अधिकतम सजा |
| मलेशिया | मौत |
| चीन | रिहैा सेंटर में दाखिला, कुछ केस में मौत |
| वियतनाम | मौत की सजा |
| इरान | भारी जुर्माना, कुछ केस में मौत की सजा |
| थाइलैंड | मौत की सजा |
| दुबई | मौत की सजा |
| सऊदी अरब | मौत की सजा |
| सिंगापुर | मौत की सजा |
| कंबोडिया | उम्र कैद |
| इंडोनेशिया | मौत की सजा |
| लाओस | 10 से अधिक वर्ष की सजा |
| उत्तर कोरिया | लंबे समय तक जेल की सजा |
| फिलिपींस | मौत की सजा |
| तुर्की | लंबे समय तक जेल की सजा |
| कोस्टारिका | लंबे समय तक जेल |
| कोलंबिया | लंबे समय तक कठोर सजा |
भारत में क्या है प्रावधान
भारत में एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत अलग अलग सजा का की व्यवस्था है. धारा 15 के तहत एक साल, धारा 24 में 10 साल की सजा और एक से लेकर 2 लाख का जुर्माना, धारा 31 ए के तहत फांसी की सजा का प्रावधान है.




