Monday, May 18, 2026
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भारतीय मूल का सिंगापुरी रैपर नस्ली, धार्मिक समूहों के बीच दुर्भावना बढ़ाने का दोषी करार, हो सकती है इतने साल की जेल

Singapore: भारतीय मूल के सिंगापुरी रैपर को यहां की एक अदालत ने मंगलवार को सिंगापुर में नस्लीय और धार्मिक समूहों के बीच दुर्भावना को बढ़ावा देने का प्रयास करने का दोषी पाया.  चैनल न्यूज एशिया की खबर के अनुसार, सुभाष गोविन प्रभाकर नायर (31) को जुलाई 2019 और मार्च 2021 के बीच हुई घटनाओं को लेकर चार ऐसे आरोपों में दोषी ठहराया गया. सजा पर बहस बाद में होगी.

नायर के वकील ने अगस्त में एक दोस्त की शादी में शामिल होने और सैर-सपाटे के वास्ते उसके बाली जाने के लिए आवेदन किया जिसे न्यायाधीश ने मंजूर कर लिया.

हो सकती है तीन साल तक की जेल
नस्लीय या धार्मिक समूहों के बीच दुर्भावना को बढ़ावा देने का प्रयास करने पर तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है. नायर ने सबसे पहले अपना और अपनी बहन प्रीति नायर का एक गाना गाते हुए यूट्यूब वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें चीनी लोगों को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी थी. इसके लिए पुलिस ने उन्हें दो साल की सशर्त चेतावनी दी थी, लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया पर टिप्पणी पोस्ट कर दोबारा नाराजगी जताई.

नायर ने सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी
गे प्राइड मूवमेंट को शैतान से जोड़ने वाले दो ईसाइयों के एक वायरल वीडियो पर टिप्पणी करते हुए, नायर ने लिखा, ‘यदि दो मलय मुसलमानों ने इस्लाम को बढ़ावा देने वाला एक वीडियो बनाया होता और उस तरह की की घृणित बातें कही होती जो इन चीनी ईसाइयों ने कही, तो आईएसडी (आंतरिक सुरक्षा विभाग) उनके अपलोड करने से पहले ही दरवाजे पर मौजूद होता.’

एक अन्य घटना में, नायर ने चान जिया जिंग के एक मीडिया इंटरव्यू का जिक्र करते हुए एक इंस्टाग्राम पोस्ट किया, जिसे हथियार रखने वाले व्यक्ति के साथ सहयोग करने के कम आरोप के लिए सशर्त चेतावनी दी गई थी. चैन उन सात लोगों में से एक था जिन पर मूल रूप से ऑर्चर्ड टावर्स में एक व्यक्ति की हत्या का आरोप लगाया गया था.नायर ने अपने खिलाफ लगे चारों आरोपों का विरोध किया. अपने ट्रायल के दौरान, नायर ने अपना पक्ष रखा और प्रत्येक ऑनलाइन पोस्ट के पीछे अपने इरादे बताए.

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