Wednesday, April 22, 2026
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सावन में व्रत रखने के पीछे यह है लॉजिक, जानिए क्यों इस महीने व्रत रखना होता है जरूरी

4 जुलाई से सावन का महीना शुरू हो रहा है. हिंदू धर्म के हिसाब से सावन पूरे महीने में भगवान शिव की पूजा अर्चना की जाती है. इस पूरे महीने में जितने भी सोमवार पड़ेंगे ज्यादातर महिला-पुरुष व्रत रखकर भगवान महादेव की पूजा करेंगे. सोमवार के दिन व्रत में लोग एक वक्त का ही खाना खाते हैं. वह भी एकदम सात्विक खाना. सिर्फ इतना ही नहीं इस पूरे महीने लोग सात्विक खाना खाते हैं. लेकिन कभी आपने सोचा है सावन के पूरे महिने लोग सात्विक खाना ही क्यों खाते हैं? क्यों पुराने जमाने से ही लोग फास्टिंग करते चले आ रहे हैं. आज हम इन सभी सवालों के जवाब जानने की कोशिश करेंगे

सावन के बरसाती महीने में फास्टिंग क्यों है जरूरी

सावन के महीने में खूब बारिश होती है. इस दौरान फास्टिंग करने के खास मायने है. आयुर्वेद के मुताबिक इस मौसम में बारिश की वजह से साग-सब्जियों कम ही मार्केट में आ पाते हैं. वहीं दूसरी तरफ पत्ते और हरी सब्जियों में कीड़े लगने लगते हैं. इसे खाने के बाद पेट से जुड़ी समस्याएं बहोने लगती है. साथ ही इस मौसम में इसलिए दूध पीने से भी मना किया जाता है क्योंकि घास पर कीड़े-मकौड़े लग जाते हैं. ऐसे में जब गाय घास खाती है तो उसका दूध बी टॉक्सिक हो जाता है. इसलिए इस मौसम में दूध वाली चीजें भी खाने से मना किया जाता है क्योंकि पेट खराब हो जाता है.

बरसात में पाचन तंत्र हो जाता है कमजोर

 

बरसात में हर तरफ हरियाली छाई रहती है लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस मौसम में गर्मी के साथ उमस भी बढ़ी रहती है. यह उमस पाचन तंत्र को कमजोर कर देती है साथ ही साथ यह गट के हेल्थ को बिगाड़ भी सकती है. जिसकी वजह से पेट और आंत से जुड़ी समस्याएं होने लगती है. यही कारण है कि इस मौसम में पेट खराब, बदहजमी, एसिडिटी, सूजन और पेट खराब जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है.

सावन 2023 सोमवार व्रत करने के फायदे

आयुर्वेद के मुताबिक सावन के महीने में अगर आप एक दिन भी व्रत रखते हैं तो आपको हेल्थ से जुड़ी समस्याएं नहीं होगी. इसे करके बहुत सारी पेट सी जुड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है. पेट खराब होने से बचाता है. साथ ही ब्लोटिंग, गैस, एसिडिटी की समस्या से भी निजात दिलाता है. इस व्रत को करने से शरीर पर जमा फैट एनर्जी में तबदील हो जाता है. इस दौरान शरीर अच्छे से डिटॉक्स हो जाता है. इसलिए इस दौरान व्रत करने के अपने फायदे हैं.

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सावन के बरसाती महीने में फास्टिंग क्यों है जरूरी सावन के महीने में खूब बारिश होती है. इस दौरान फास्टिंग करने के खास मायने है. आयुर्वेद के मुताबिक इस मौसम में बारिश की वजह से साग-सब्जियों कम ही मार्केट में आ पाते हैं. वहीं दूसरी तरफ पत्ते और हरी सब्जियों में कीड़े लगने लगते हैं. इसे खाने के बाद पेट से जुड़ी समस्याएं बहोने लगती है. साथ ही इस मौसम में इसलिए दूध पीने से भी मना किया जाता है क्योंकि घास पर कीड़े-मकौड़े लग जाते हैं. ऐसे में जब गाय घास खाती है तो उसका दूध बी टॉक्सिक हो जाता है. इसलिए इस मौसम में दूध वाली चीजें भी खाने से मना किया जाता है क्योंकि पेट खराब हो जाता है. बरसात में पाचन तंत्र हो जाता है कमजोर बरसात में हर तरफ हरियाली छाई रहती है लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस मौसम में गर्मी के साथ उमस भी बढ़ी रहती है. यह उमस पाचन तंत्र को कमजोर कर देती है साथ ही साथ यह गट के हेल्थ को बिगाड़ भी सकती है. जिसकी वजह से पेट और आंत से जुड़ी समस्याएं होने लगती है. यही कारण है कि इस मौसम में पेट खराब, बदहजमी, एसिडिटी, सूजन और पेट खराब जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. सावन 2023 सोमवार व्रत करने के फायदे आयुर्वेद के मुताबिक सावन के महीने में अगर आप एक दिन भी व्रत रखते हैं तो आपको हेल्थ से जुड़ी समस्याएं नहीं होगी. इसे करके बहुत सारी पेट सी जुड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है. पेट खराब होने से बचाता है. साथ ही ब्लोटिंग, गैस, एसिडिटी की समस्या से भी निजात दिलाता है. इस व्रत को करने से शरीर पर जमा फैट एनर्जी में तबदील हो जाता है. इस दौरान शरीर अच्छे से डिटॉक्स हो जाता है. इसलिए इस दौरान व्रत करने के अपने फायदे हैं.
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