: एक कहावत है ‘जहां चाह वहां राह’ यानी कुछ कर गुजरने की ठान ली जाए चो दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है. यहां बात कमाई के नए नए साधनों की जिनके बारे में जानकर आप दंग रह जाएंगे. हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि लंदन (London) की रहने वाली 24 साल की शार्लोट डेविस सिर्फ बुजुर्गों को डेट करती हैं. उन्हें अपनी ऐज के लड़कों में जरा भी दिलचस्पी नहीं है. क्योंकि ऐसा करके वो हर महीने लाखों रुपये बचाने के साथ वो अपना हर शौक पूरा कर रही है.
यूरोप का नया चलन
‘डेली मेल’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक शार्लोट डेविस ऐसा करने वाली अकेली लड़की नहीं हैं, बल्कि उनकी तरह सैकड़ों और लड़कियां न सिर्फ अपना खर्च निकाल रही हैं बल्कि अपना फ्यूचर सिक्योर करते हुए अच्छी खासी सेविंग कर रही हैं. दरअसल इन दिनों यूरोप के देशों में डेटिंग का नया कांसेप्ट चल पड़ा है. जिसमें अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए कॉलेजों की बालिग छात्राएं बस अमीरों या फिर बुजुर्ग रईसों को ही डेट करती हैं. वो उनके अकेलेपन को दूर करके उनकी जिंदगी में प्यार होने का अहसास कराती है. इसके बदले उन्हें अच्छे खासे पैसे और महंगे-महंगे तोहफे मिलते हैं, जो बड़े-बड़े लोग भी नहीं खरीद पाते हैं.
प्यार की बस इतनी सी कहानी…
लंदन की इस लड़की को भी जब इस कान्सेप्ट का पता चला तो उसने भी यही ट्रिक फॉलो की और अब वो रईसों के पैसों पर मौज कर रही है. कभी वर्ल्ड टूर तो कभी कुछ और वो जमकर पैसे उड़ाती है, पब-रेस्तरां जाती है और खूब ऐश करती है. शार्लोट को ये काम इतना पसंद आया कि उसकी अपनी उम्र के लोगों में दिलचस्पी ही मानो खत्म हो गई. शार्लोट डेविस ने अपनी कहानी दुनिया को खुद सुनाई है. उसने बताया कि कैसे एक टीवी शो देखने के बाद उसे शुगर बेबी बनने का आइडिया मिला. उसी दौरान शार्लोट एक लंबी रिलेशनशिप से बाहर आई थी वो भी अकेली थी और उसे सहारे के साथ पैसों की भी जरूरत थी. इसलिए उसने तय कर लिया कि बस अब तो सुगर गर्ल बनकर खुद की सारी तकलीफें दूर करनी हैं.
250 डॉलर से 500 डॉलर फीस
‘प्यार दो… प्यार लो’ जैसे गाने की थीम पर बढ़ रही शार्लोट हर शख्स से कुछ समय के लिए 250 डॉलर से 500 डॉलर तक फीस चार्ज करती हैं. उन्होंने 10-10 लोगों का एक सेट बनाकर सबका टाइम फिक्स कर दिया है, जिनके साथ वह बारी बारी से टाइम स्पेंड करती है. भारत में भले ही ऐसे संबंधों को गलत निगाह से देखा जाता हो पर विदेशों में ये एक बड़ा जबरदस्त आइडिया है.




