जून शुरू होते ही जहां तापमान लुढ़कने लगता है और मानसून की आहट होने लगती है, मगर इस बार मानसून के केरल आने में चार से पांच दिन की देरी हो गई है। अब जून पहले सप्ताह में वर्षा की उम्मीद है। मानसून की दस्तक में देरी का असर इंदौर और मालवा में दिखने को मिलेगा। 15 जून से आने वाली वर्षा 22 जून के बाद होने की संभावना जताई जा रही है।
मौसम विभाग के मुताबिक मार्च-अप्रैल के बीच मौसम में बदलाव दिखा। भीषण गर्मी के बजाय देश के अलग-अलग हिस्सों में वर्षा हुई। इसका असर मानसून की गतिविधियों पर पड़ा है। 15 जून से मानसून शुरू हो जाता है, जो इस बार एक सप्ताह देरी से आएगा। इंदौर में मानसून का आगमन बंगाल की खाड़ी में निर्मित निम्न दाब क्षेत्र या चक्रवाती तूफानों के उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ने के कारण भी होता है।
देश में दक्षिण प्रायद्वीप में मानसून की शुरुआत होती है और शुष्क हवा आर्द्र में बदलते हुए उप महाद्वीप के अन्य भागों में फैल जाती है। जून का औसत अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस रहता है और औसत न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। माह की औसत वर्षा 147.3 मिमी और वर्षा के दिनों की औसत संख्या 6-7 दिन है।
मौसम विशेषज्ञ डा. एचएस पांडे ने कहा कि मानसून थोड़ा कमजोर रहने की संभावना है, क्योंकि गर्मियों के दिनों में बरसात हुई थी। इससे महीनेभर गर्मी नहीं पड़ी।
जून में इंदौर की स्थिति
– 3 जून 1991 : अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस
– 12 जून 1958 : न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस
जून 1980 में सर्वाधिक कुल मासिक वर्षा 430 मिमी
– 23 जून 2003 में 24 घंटे में सर्वाधिक वर्षा 127.3 मिमी
यह रही स्थिति
दिनांक वर्षा (मिमी)
10 जून 2013 104.9
10 जुलाई 2014 4.6