मध्य प्रदेश की जेलों में राज्य सरकार कैंटीन शुरू करेगी। जेल विभाग इसका मसौदा तैयार कर रहा है। केवल जेल स्टाफ के लिए ही कैंटीन की सुविधा उपलब्ध होगी। बंदियों को कैंटीन की सुविधा दी जाए या नहीं इस पर विचार किया जा रहा है।
वर्तमान में प्रदेश में केवल केंद्रीय जेल इंदौर में कैंटीन की सुविधा है। लेकिन यहां बंदियों को कैंटीन की सुविधा नहीं दी जाती है। पहले चरण में प्रदेश की केंद्रीय जेलों में कैंटीन सुविधा शुरू करने की तैयारी है। मुख्यालय स्तर पर इसकी कवायद शुरू हो गई है।
सात साल पहले केंद्रीय जेल भोपाल में बंदियों द्वारा विभिन्न प्रकार के पकवान बनवाए जाते थे और इसे जेल मुख्यालय के समीप बनी दुकानों में आम लोगों को विक्रय के लिए भी उपलब्ध कराया जाता था। इनमें पिज्जा, बर्गर, समोसा, कचौड़ी सहित अन्य भारतीय व्यंजन शामिल थे। यह पकवान जेल में बंदियों द्वारा ही तैयार किए जाते थे और बंदियों द्वारा ही इसका दुकान से विक्रय किया जाता था। वर्तमान में यह व्यवस्था बंद है।
एक नजर में
जेल– संख्या– बंदी आवास क्षमता– परिरूद्ध बंदी– बच्चे
केंद्रीय जेल–11– 14604–24343– 75
जिला जेल– 41–9672–14838–66
खुली जेल– 7–118– 68– 0
सब जेल– 73–5321–7364– 1
कुल– 132– 29715–46613– 142
जेलों में क्षमता से अधिक बंदी
बंदी क्षमता — बंदी संख्या
पुरूष– 27,799– 44,673
महिला — 1,916– 1,939
कुल 29,715– 46,613