प्रदेश में उद्योग, कृषि क्षेत्रों में जरूरत के आधार पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) भिलाई में रोजगारोन्मुखी सर्टिफिकेट कोर्स शुरू होने जा रहा है। छह माह से लेकर दो वर्षों तक के लिए तैयार होने वाले डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स को इस तरह से डिजाइन करने की कवायद है, जिससे स्थानीय स्तर पर उद्योग, कृषि व शिक्षा के क्षेत्रों में कुशल युवा मिल सके।
आइआइटी के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने बताया कि प्रदेश में उद्योग व कृषि से समृद्ध है। युवाओं के पास रोजगार के भी काफी अवसर है। लेकिन इन क्षेत्रों में जरूरत के आधार पर उतने कुशल कामगार नहीं मिल रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए हम ऐसे सर्टिफिकेट व डिप्लोमा कोर्स शुरू करने जा रहे हैं, जो इन जरूरतों को पूरा कर सके। कोर्स डिजाइन करने उद्योग, कृषि व शिक्षा क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों चर्चा चल रही है। उद्योग से जुड़े लोगों से भी अपील कर रहे हैं कि आगे आए और जरूरतों को सांझा करे। ताकि इसके आधार पर कोर्स तैयार कर युवाओं का कौशल विकास किया जा सके। इससे स्थानीय स्तर पर कुशल मान संसाधन उपलब्ध हो सके। छह माह में कोर्स डिजाइन कर लिया जाएगा, जिसमें अभ्यर्थी पंजीयन कराकर प्रवेश ले सकेंगे।
आइआइटी, पालीटेक्निक कालेजों में प्रशिक्षण
निदेशक प्रो. राजीव ने बताया कि प्रदेश के आइआइटी, पालीटेक्निक व इंजीनियरिंग कालेजाें के शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की योजना है। इसके लिए तकनीकी शिक्षा विभाग को प्रस्ताव दिया गया है। कुछ दिनों पहले पालीटेक्निक कालेजों के प्राचार्यों के साथ बैठक भी हुई है। जल्द ही हम प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करेंगे। ताकि यह शिक्षक युवाओं को और बेहतर प्रशिक्षण देकर उन्हें कुशल बना सके।
कृषि क्षेत्रों पर विशेष फोकस
निदेशक प्रो. राजीव ने बताया कि प्रदेश कृषि रूप से संपन्न हैं, लेकिन देखा जा रहा है यहां के कृषक तकनीकों के उपयोग में उनसे आगे नहीं है। कृषि के लिए उपयोगी व उन्नत मशीनें आ भी रही है तो उसके संचालन के लिए बाहर से लोग आ रहे हैं। इसे ध्यान रखते हुए हम विकसित व उन्नत कृषि के लिए किसानों व युवाओं को प्रशिक्षण देंगे। इसके लिए भी कोर्स शुरू किया जाएगा।
आइआइटी भिलाई पर एक नजर
10 डिपार्टमेंट हैं संस्थान में संचालित
243 बीटेक की सीटें
69 एमटेक की सीटें
36 एमएससी की सीटें
850 छात्र वर्तमान में अध्ययनरत
नोट : सीटों से जुड़ी जानकारी संस्थान के अनुसार।
आइआइटी भिलाई निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश का कहना है कि प्रदेश में उद्योग, कृषि व शिक्षा के क्षेत्र में मांग के अनुरूप युवाओं को रोजगार के लिए कुशल बनाने सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया जाएगा। इसका सीधा लाभ राज्य के युवाओं को मिलेगा।




