सनकी तानशाह और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन (Kim Jong Un) अक्सर अपने कारनामे से मीडिया की सुर्खियों में बने रहते हैं. एक बार फिर उनकी हरकत सुर्खियों में आ गई है. दरअसल उत्तर कोरिया (North Korea) ने अपना पहला जासूसी सैटेलाइट (Spy Satellite) बुधवार को लॉन्च किया. लेकिन यह बुरी तरह से फेल हो गया. इसके बाद रॉकेट और सैटेलाइट का मलबा समंदर में जा गिरा.न्यूज एजेंसी AP के अनुसार इस विफलता के साथ ही किम जोंग उन को अपनी सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने के मंसूबों पर एक और धक्का लगा है. बता दें कि इन दिनों उत्तर कोरिया का संयुक्त राज्य अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ तनाव बढ़ता जा रहा है. उत्तर कोरिया ने एक बयान में कहा है कि वह लॉन्चिंग के विफल होने के कारणों की जांच कर रहा है.उत्तर कोरिया ने अपने रॉकेट लिफ्टऑफ के साथ क्या गलत हुआ यह पता लगाने के बाद दूसरी लॉन्चिंग करने की कसम खाई है. उत्तर कोरिया ने कहा है कि जून में फिर से सैटेलाइट की लॉन्चिंग की जाएगी. वहीं दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया के जासूसी सैटेलाइट के उस हिस्से की तस्वीरें जारी की है जो बुधवार को लॉन्चिंग के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया थादक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने एक सफेद, धातु के सिलेंडर की तस्वीरें जारी कीं, जिसे उस संदिग्ध रॉकेट जिसे उत्तर कोरिया जासूसी सैटेलाइट कह रहा है के भाग के रूप में दावा किया है. वहीं उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने कहा है कि सैटेलाइट उड़ान के दौरान दुर्घटना के तुरंत बाद समुद्र में गिर गया. नव विकसित चोलिमा -1 रॉकेट को सुबह 6:37 बजे उत्तर उत्तर कोरिया के सोहे सैटेलाइट लॉन्चिंग ग्राउंड में मल्लिगयोंग -1 उपग्रह के साथ लॉन्च किया गया था. आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने कहा कि रॉकेट अपने पहले और दूसरे चरण के अलग होने के बाद अपना जोर खो देने के बाद कोरियाई प्रायद्वीप के पश्चिमी तट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गयाउत्तर कोरिया के पास अंतरिक्ष में फिलहाल एक भी एक्टिव सैटेलाइट नहीं है. इसलिए किम जोंग उन अपने शासन काल में एक सैन्य जासूसी सैटेलाइट को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं. वह खुद व्यक्तिगत रूप से कुछ सैटेलाइट लॉन्चिंग की तैयारियों की निगरानी करते रहे हैं




