चुनाव के पहले राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने में जुटे हैं। प्रदेश में भाजपा सरकार की लाड़ली बहना योजना के जवाब में कांग्रेस ने नारी सम्मान योजना प्रारंभ की है। अब तक चुनावी वादे होते थे, लेकिन विपक्ष में बैठे राजनीतिक दल द्वारा इस तरह की कवायद करने का यह संभवत: पहला मामला है। फिलहाल यह दिव्यस्वप्न है क्योंकि इसका भविष्य चुनावी परिणाम के अगर-मगर में अटका है। इतना तय है कि इसके जरिए पार्टी की योजना मतदाताओं का डाटा जुटाने की भी हैकांग्रेस ने प्रदेश में नारी सम्मान योजना की मंगलवार से आधिकारिक शुरुआत की। इंदौर में वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में इसकी जानकारी दी गई। योजना के तहत एक फार्म भरवाया जाएगा। इसमें महिलाओं को सामान्य जानकारी जैसे नाम, आधार कार्ड, बूथ संख्या, विधानसभा क्रमांक जैसी जानकारियां देना होंगी। इसके अलावा जाति (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, सामान्य) और समग्र आइडी की जानकारी भी पूछी गई है। इसके जरिए पार्टी को विधानसभावार मतदाताओं की जाति सहित अन्य जानकारियां मिलेंगी।इस बारे में पूछने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने भी इशारों में स्वीकार किया कि यह डाटा जुटाने की कवायद है। उन्होंने कहा कि हमने फार्म में सामान्य जानकारी मांगी है। इसमें कुछ विशेष नहीं है। इससे डाटा भी इकट्ठा होगा। ऐसा नहीं है कि सिर्फ फार्म भरने वाली महिलाओं को ही लाभ मिलेगा। यदि सरकार बनी तो नीति बनाकर सभी पात्र महिलाओं को लाभ दिया जाएगा।
यह है नारी सम्मान योजना
योजना के तहत यदि कांग्रेस सरकार में आती है तो महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता और 500 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। यानी सालाना लगभग 25 हजार रुपये की बचत होगी।




