Wednesday, March 25, 2026
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खरगोन दंगों के लिए बच्चे को बताया आरोपी, ट्रिब्यूनल ने नाबालिग से मांगे 2.9 लाख

 खरगोन-मध्य प्रदेश के खरगोन में रामनवमी के दिन हुए दंगों से जुड़ा एक मामला सामने आया है। इन दंगों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए एक ट्रिब्यूनल का गठन किया गया था। जिसके बाद ट्रिब्यूनल ने दंगा पीड़ितों की शिकायत सुनकर एक 12 साल के लड़के को नोटिस जारी किया है। इसमें दंगे के दौरान संपत्ति के नुकसान को लेकर 2.9 लाख रुपये का भुगतान करने को कहा गया है। दंगों के समय आरोपी लड़के की उम्र 11 साल थी।

मध्य प्रदेश प्रिवेंशन एंड रिकवरी ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट के तहत बनाए गए ट्रिब्यूनल में अगस्त 2022 में एक महिला ने शिकायत की थी। महिला का आरोप था कि दंगे के दौरान उसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था। और इस शिकायत पर लड़के और सात अन्य को नोटिस जारी किया था।

खरगोन में रामनवमी के मौके पर दो समुदाय के बीच विवाद के बाद दंगा भड़क गया था। इस विवाद के दौरान कई लोगों की संपत्ति को भी निशाना बनाया गया था। जिसकी भरपाई के लिए मध्य प्रदेश प्रिवेंशन एंड रिकवरी ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट के तहत एक ट्रिब्यूनल का गठन किया गया था। दंगे की पीड़ित एक महिला ने अगस्त महीने में शिकायत दर्ज कराई थी।

जानकारी के अनुसार इस नोटिस में लड़के पर 2.9 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। ट्रिब्यूनल के सदस्य प्रभात पाराशर ने बताया कि यह कार्रवाई नियम कानून के अनुसार ही की गई है। अगर यह आपराधिक मामला होता तो बच्चे को किशोर न्याय अधिनियम का संरक्षण मिलता। ऐेसे में हम दीवानी प्रकृति के मामलों पर फैसला सुना रहे हैं और यह सिर्फ जुर्माना लगाने के बारे में है, न कि सजा देने के। उन्होंने कहा कि पैसे बच्चे के माता-पिता को देने होंगे क्योंकि वही उसके लिए जिम्मेदार हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रभात पाराशर ने बताया कि लड़के पर तोड़फोड़ औऱ आगजनी का भी आरोप लगा है। शिकायतकर्ता ने उसको नामजद किया है। इसके साथ ही वकील यह साबित नहीं कर सके कि वह भीड़ में नहीं था। वहीं लड़के के वकील कहा कि महिला के दावे पर ट्रिब्यूनल के अंतिम आदेश का इंतजार कर रहे हैं।लड़के के वकील अशर अली ने बताया कि नोटिस मिलने के बाद हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में याचिका दायर की गई, जिसमें इसे रद्द करने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने 12 सितंबर को ट्रिब्यूनल में जाने का विकल्प दिया। जिसके बाद लड़के ने अपनी मां की तरफ से एक दिन बाद ट्रिब्यूनल में आवेदन दायर किया। जिसमें यह कहा गया कि उस पर अपराध का आरोप नहीं लगा है। ऐसे में उसे कानून के उल्लंघन का आरोपी नहीं बनाया जा सकता। सुर ट्रिब्ल्यूनल में आवेदन को खारिज कर दिया गया।

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