मध्य प्रदेश के ग्वालियर हाईकोर्ट की युगल पीठ में को नर्सिंग कॉलेज के उस मामले की सुनवाई होगी जिसमें नर्सिंग कॉलेजों ने विद्यार्थियों की परीक्षा कराकर रिजल्ट घोषित करने की मांग की है। मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल कॉलेजों को दी गई मान्यता की जानकारी पेश करेगा। जैसे किन-किन आधारों पर कॉलेजों को मान्यता दी गई है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अंचल के 23 नर्सिंग कॉलेजों का रिकॉर्ड जब्त किया जाएगा
दरअसल सत्र 2019-20 में अंचल की नर्सिंग कॉलेजों में एमएससी और पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग में प्रवेश हुए थे। जिन विद्यार्थियों ने समय पर प्रवेश लिया, उनके दस्तावेज कॉलेजों ने मेडिकल विश्वविद्यालय दस्तावेज भेज दिए। लेकिन जब इस सत्र की परीक्षा का समय आया तो कोविड-19 का संक्रमण आ गया। फिर सभी को जनरल प्रमोशन के आधार पर पास किया गया।
वहीं मेडिकल यूनिवर्सिटी ने एसे विद्यार्थियों के लिए लिंक खोली कि जो एनरोल हो चुके हैं। वह अपने दस्तावेजों की पूर्ति कर सकते हैं और लिंक खुलने पर कॉलेजों ने नए विद्यार्थी जोड़ दिए। जिनकी सीटें खाली थी उन्हें भर लिया। लेकिन यह मामला विश्वविद्यालय के संज्ञान में आ गया। जो विद्यार्थी नए जोड़ गए थे, उनकी जांच की तो कई गड़बड़ी मिली। बढ़े हुए विद्यार्थियों को एनरोल करने से मना कर दिया। जानकारी मिली है कि 36 कॉलेजों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है जिनमें 23 नर्सिंग कॉलेजों का रिकॉर्ड जब्त किया जाएगा।बता दें कि इन कॉलेजों में करीब 400 विद्यार्थी के प्रवेश हुए थे, जिनका प्रवेश पर विवाद चल रहा है। कोर्ट ने मूल रिकार्ड तलब किया था। इन कॉलेज के विद्यार्थियों का मूल रिकार्ड पेश किया गया। साथ ही अब कोर्ट ने कुलपति व कुलसचिवों की जानकारी के साथ अब नामांकन की भी जानकारी मांगी है। और सभी याचिकाओं को हाईकोर्ट में एक साथ सुना जा रहा है। जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर रिकॉर्ड जब्त होगा।




