मध्य प्रदेश में पीएफआई के ठिकानों पर एनआईए के छापे के बाद अब प्रदेश के हर जिले में पीएफआई कनेक्शन की जांच के आदेश जारी हो गए है। छापे में मिले इनपुट के अनुसार मध्य प्रदेश के करीब 25 जिलों में पीएफआई का नेटवर्क फैला है। प्रदेश के पांच जिलों को पीएफआई का हॉटस्पॉट जिला बताया जाता है।
मिली जानकारी के अनुसार श्योपुर, बुरहानपुर, इंदौर, उज्जैन और खंडवा जिले पीएफआई के हॉटस्पॉट है। तेजी से इन जिलों में संगठन की गतिविधियां बढ़ रही थी। पुलिस के साथ केंद्रीय जांच एजेंसी के हिसाब से भी रडार पर इन जिलों में एक्टिव संगठन है। पीएफआई ने कई और नए जिलों में अपना कैडर खड़ा कर रहा था। वहीं नछापे के दौरान सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर सिस्टम भी जब्त किया गया है। पुलिस और एजेंसी कट्टरपंथी कनेक्शन की बारीकी से जांच करेगी।
दरअसल जबलपुर दौरे पर पहुंचे गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि ATS और NIA के द्वारा जॉइंट ऑपरेशन किया गया है। और इस मामले में कल एटीएस ने कई लोगों को गिरफ्तार भी किया। जिसके बाद इंदौर और उज्जैन में कार्रवाई की गई है। इन चारों पर UAPA के तहत कार्रवाई की जा रही है। और आज आरोपियों की पुलिस रिमांड मांगी जाएगी।
मिली जानकारी के अनुसार श्योपुर, बुरहानपुर, इंदौर, उज्जैन और खंडवा जिले पीएफआई के हॉटस्पॉट है। तेजी से इन जिलों में संगठन की गतिविधियां बढ़ रही थी। पुलिस के साथ केंद्रीय जांच एजेंसी के हिसाब से भी रडार पर इन जिलों में एक्टिव संगठन है। पीएफआई ने कई और नए जिलों में अपना कैडर खड़ा कर रहा था। वहीं नछापे के दौरान सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर सिस्टम भी जब्त किया गया है। पुलिस और एजेंसी कट्टरपंथी कनेक्शन की बारीकी से जांच करेगी।
दरअसल जबलपुर दौरे पर पहुंचे गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि ATS और NIA के द्वारा जॉइंट ऑपरेशन किया गया है। और इस मामले में कल एटीएस ने कई लोगों को गिरफ्तार भी किया। जिसके बाद इंदौर और उज्जैन में कार्रवाई की गई है। इन चारों पर UAPA के तहत कार्रवाई की जा रही है। और आज आरोपियों की पुलिस रिमांड मांगी जाएगी।आतंकवादियों की कमर तोड़ने के लिए एनआईए और प्रवर्तन निदेशालय ने तमिलनाडु, केरल समेत 12 राज्यों में पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान 106 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया। जिन राज्यों में एनआईए ने छापेमारी की है उनमें केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, असम, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र शामिल थे।




