मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अलग-अलग जिलों की समस्याओं को लेकर बैठक कर रहें है। रोजाना एक जिले के संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा करते हैं। चर्चा के दौरान किसी योजना में गड़बड़ी पाए जाने पर सीएम शिवराज अधिकारियों को फटकार भी लगा देते है। यह बैठकें वीसी के माध्यम से होती है।
दरअसल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने निवास पर सुबह बैठक बुलाई। बैठक में वीसी से जबलपुर संभाग के कमिश्नर, आईजी कलेक्टर, एसपी शामिल हुए। जबलपुर संभाग आयुक्त ने मुख्यमंत्री को बताया कि यूरिया खाद के आवंटन की जिम्मेदारी कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको) की थी। 25 अगस्त को जबलपुर में 2600 मीट्रिक टन के रैक लगे थे।
वहीं अधिकारियों ने बताया कि कृभको को बता दिया गया था कि किस जिले को कितना आवंटन जाना है। जिसके बाद जबलपुर आयुक्त ने संभाग के जिलेवार आवंटन की जानकारी दी। कृभको निजी परिवहन कर्ताओं द्वारा विभिन्न जिलों में यूरिया की आपूर्ति करता है। लेकिन इन्हें जो स्थान बताए गए थे उनके स्थान पर यूरिया निजी स्थानों पर सप्लाई किया गया।जिसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज ने दोषियों पर तत्काल एफआईआर कर गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने बताया कि खाद डायवर्ट करने पर फर्टिलाइजर मूवमेंट कंट्रोल ऑर्डर का वायलेशन हुआ है। और ऐसे में 3ए, 3बी, 3सी एक्ट की धाराओं के अंतर्गत एफआईआर की जाएगी। सीएम शिवराज ने जलबपुर पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद वितरण में लगी कंपनियों को समझाने से काम नहीं चलेगा। उन सभी दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्यवाई करें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से समन्वय कर राज्य के लिए पर्याप्त आवंटन सुनिश्चित किया गया है। जरूरत के समय किसान को खाद की कमी नहीं होना चाहिए। इस बैठक में प्रमुख सचिव कृषि, प्रमुख सचिव सहकारिता, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, एमडी मार्कफेड सहित कई अधिकारी मौजूद रहें।




