मध्य प्रदेश में जबलपुर के सिविल लाइन थाने में सत्र न्यायाधीश के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। हाईकोर्ट के प्रशासनिक अधिकारी विपिन चंद्र गुप्ता ने पूर्व जिला एंव सत्र न्यायाधीश राधेश्याम मेढिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई हैं। शिकायत में पुलिस को बताया गया हैं कि उन्होंने अपने बर्थ सर्टिफिकेट से छेड़छाड़ की थी।जबलपुर पुलिस ने इसे लेकर कहा कि जिला एंव सत्र न्यायाधीश पर जन्म प्रमाण पत्र में 6 साल की उम्र में धोखाधड़ी करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधेश्याम पर आरोप हैं कि उन्होंने अपनी जन्मतिथि जो कि 10 फरवरी 1960 की हैं उसके साथ छेड़छाड़ करते हुए 10 फरवरी 1966 कर दी थी।सिविल लाइन थाना के नगर निरीक्षक रमेश कौरव ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि राधेश्याम मेढिया ने उनके जन्म प्रमाण पत्र के साथ छेड़छाड़ की और उनकी जन्मतिथि बदल कर जज बन गए। जिसकी शिकायत मिलने के बाद उच्च न्यायालय के प्रशासनिक अधिकारी ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।पुलिस ने आईपीसी की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारी ने बताया कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा जांच के बाद ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। सिविल लाइन थाना प्रभारी रमेश कौरव ने बताया कि पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधेश्याम मेढिया ने कूट रचित दस्तावेज तैयार कर न्यायाधीश बने थे। बताया जा रहा हैं जब इससे वह कटनी जिले में पदस्थ थे उस समय भी किसी मामले को लेकर उन पर कार्रवाई करते हुए उन्हें बर्खास्त किया गया था।वहीं हाईकोर्ट के एक अधिकारी ने बताया कि उनके खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। और इसी के चलते उन्हें कुछ महीने पहले ही निलंबित कर दिया गया था और उनकी उम्र का फर्जीवाड़ा करने सहित कदाचार की शिकायत के संबंध में उनके खिलाफ जांच शुरू की गई थी। उन्हें इस साल जून में दोषी पाया गया था। जिसके बाद उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया गया।




