पश्चिम एशिया खाड़ी क्षेत्रों में उभरती स्थिति पर चर्चा करने के लिए वाणिज्य दूतावास, पासपोर्ट और वीजा तथा प्रवासी भारतीय मामलों की सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन ने सभी राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों के साथ वर्चुअल माध्यम से एक बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक के दौरान सुश्री रंगनाथन ने विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर द्वारा संसद में स्वत: संज्ञान लेते हुए दिए गए वक्तव्य के मुख्य बिन्दुओं का उल्लेख किया।
सचिव ने इस क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर भी ताजा जानकारी दी। सुश्री रंगनाथन ने भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों द्वारा नियमित रूप से जारी किए जा रहे परामर्शों और ताजा सूचनाओं के प्रसार में राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों की सहायता का भी आग्रह किया। सुश्री रंगनाथन ने नागर विमानन मंत्रालय द्वारा भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों के साथ निकटतम समन्वय में इस क्षेत्र में फंसे भारतीय यात्रियों और अल्पकालिक यात्राओं पर आए लोगों की भारत वापसी को सुविधाजनक बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की भी रूपरेखा प्रस्तुत की। इस कारण 28 फरवरी को संघर्ष की शुरुआत के बाद से 67 हजार से अधिक भारतीयों की सुरक्षित स्वदेश वापसी संभव हो पाई है।
एक सोशल मीडिया में विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस बैठक में भारत में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों तथा विदेश मंत्रालय की शाखा सचिवालयों और विदेश मंत्रालय के विशेष नियंत्रण कक्ष के जरिए राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के साथ समन्वय को और सशक्त बनाने के उपायों पर चर्चा की गई।




