Sunday, March 1, 2026
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‘सौगात-ए-मोदी’ योजना के तहत 32 लाख गरीब मुसलमानों को मिलेगा तोहफा, आखिर क्या है यह योजना?

ईद के अवसर पर केंद्र सरकार ने मुसलमानों के लिए एक विशेष उपहार की घोषणा की है। नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा 32 लाख गरीब मुसलमानों को ‘सौगात ए मोदी’ प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें ईद का त्योहार मनाने में कोई कठिनाई न हो। इस संदर्भ में भाजपा नेता नीरज कुमार ने कहा कि मुस्लिम समुदाय को कुछ दलालों और ठेकेदारों के प्रभाव से बाहर आना चाहिए। उन्होंने बताया कि भाजपा के 32 हजार कार्यकर्ता 32 हजार मस्जिदों में जाकर इन 32 लाख गरीब मुसलमानों को ‘सौगात ए मोदी’ प्रदान करेंगे। नीरज कुमार ने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की चिंताएं उचित हैं, क्योंकि नरेंद्र मोदी ने मुसलमानों के लिए ईदी योजना और उस्ताद योजना जैसे कार्यक्रम चलाए हैं और तीन तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त किया है, जिसके कारण हमें उनका वोट नहीं मिल पाता।

इस्पे भाजपा नेता ने कही ये बात

भाजपा नेता ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि कुछ शिक्षित मुस्लिम युवा और महिलाएं निश्चित रूप से मोदी जी और एनडीए को वोट दे रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मुस्लिम वोट के ठेकेदारों का भरोसा अब उठ रहा है, जिससे मुस्लिम मतदाता धीरे-धीरे एनडीए की ओर आकर्षित हो रहे हैं। सोमवार को पटना में विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा इफ्तार का आयोजन किया गया था, जिसमें चिराग पासवान की इफ्तार पार्टी से कई मुस्लिम नेताओं ने दूरी बनाई। इस पर चिराग पासवान ने कहा कि केंद्र सरकार मुसलमानों के लिए निरंतर प्रयास कर रही है, लेकिन इसके बावजूद मुस्लिम समुदाय का वोट एनडीए को नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मुसलमानों का उपयोग केवल वोट बैंक के रूप में किया गया है।

सौगात ए मोदी योजना क्या है? 

सौगात ए मोदी योजना भारतीय जनता पार्टी द्वारा आरंभ किया गया एक विशेष कार्यक्रम है, जिसका मुख्य उद्देश्य मुस्लिम समुदाय के बीच कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार करना और भाजपा तथा एनडीए के लिए राजनीतिक समर्थन प्राप्त करना है। यह योजना रमजान और ईद जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर केंद्रित है, जिससे इसकी विशेषता और भी बढ़ जाती है। इस पहल के तहत, केंद्र सरकार ने 32 लाख मुस्लिम परिवारों तक पहुंचने और 3 हजार मस्जिदों के साथ सहयोग स्थापित करने की योजना बनाई है। कुछ लोग इसे समावेशी दृष्टिकोण के रूप में देख रहे हैं, जबकि अन्य इसे राजनीतिक रणनीति का हिस्सा मानते हैं। यह अभियान भाजपा की व्यापक राजनीतिक रणनीति का एक महत्वपूर्ण घटक माना जा रहा है।

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