केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने मध्य प्रदेश में व्यावसायिक परीक्षा मंडल(व्यापमं) द्वारा आयोजित एमपीआरटी-2013 परीक्षा से जुड़े एक मामले में तीन उम्मीदवारों को सात साल के कठोर कारावास की सजा दी है।
तीन को सजा,एक बरी
सीबीआई की ओर से जारी बयान में यह जानकारी दी गयी। अदालत ने संबंधित मामले की सुनवाई के बाद पूरन सिंह, लंकेश शर्मा और सतीश अर्गल को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई, जबकि एक अन्य को बरी कर दिया।
अवैध तरीके से पास की थी परीक्षा
सीबीआई ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में 17 अगस्त -2015 को मामला दर्ज किया था और जांच का काम अपने हाथ में लिया था। सीबीआई ने 12 मार्च- 2019 को चार लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया। आरोप पत्र में कहा गया है कि आरोपियों ने अवैध साधनों का उपयोग करके एमपीआरटी-2013 की परीक्षा उत्तीर्ण की है।




