Saturday, June 13, 2026
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शहरी क्षेत्रों में सभी को पक्के मकान उपलब्ध कराना

‘भूमि’ और ‘कॉलोनी निर्माण’ राज्य के विषय हैं। इसलिए, अपने नागरिकों के लिए आवास से संबंधित योजनाओं को राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) द्वारा कार्यान्वित किया जाता है। हालांकि, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय 25.06.2015 से प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) के तहत केंद्रीय सहायता प्रदान करके राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रयासों को सम्पोषित करता है, ताकि देश भर में सभी पात्र शहरी लाभार्थियों को बुनियादी नागरिक सुविधाओं के साथ पक्के मकान उपलब्ध कराए जा सकें। इस योजना के चार कार्यक्षेत्र हैं, लाभार्थी-नेतृत्व वाले व्यक्तिगत घर निर्माण/संवर्द्धन (बीएलसी), भागीदारी में किफायती आवास (एएचपी), “इन-सीटू” स्लम पुनर्विकास (आईएसएसआर) और क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना (सीएलएसएस)।

पीएमएवाई-यू एक मांग आधारित योजना है और भारत सरकार ने मकानों के निर्माण के लिए कोई लक्ष्य तय नहीं किया है। शहरी क्षेत्रों में आवास की मांग के आधार पर, राज्य/संघ राज्य क्षेत्र परियोजना प्रस्ताव तैयार करते हैं और राज्य स्तरीय मंजूरी एवं निगरानी समिति (एसएलएसएमसी) के अनुमोदन के बाद, इन्हें केंद्रीय मंजूरी एवं निगरानी समिति (सीएसएमसी) द्वारा स्वीकार्य केंद्रीय सहायता की मंजूरी के लिए इस मंत्रालय को प्रस्तुत किया जाता है। भारत सरकार आईएसएसआर के तहत प्रति घर एक लाख रुपये, पीएमएवाई-यू के एएचपी और बीएलसी वर्टिकल के लिए प्रति घर डेढ़ लाख रुपये की केंद्रीय सहायता के रूप में अपना निश्चित हिस्सा प्रदान कर रही है। पीएमएवाई-यू के सीएलएसएस वर्टिकल के तहत, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और निम्न आय वर्ग (एलआईजी) श्रेणी के लाभार्थियों के लिए 6.5 प्रतिशत की दर से ब्याज सब्सिडी, जो प्रति घर 2.67 लाख रुपये तक है, प्रदान की गई। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के अनुसार घर की शेष लागत राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों/शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी)/लाभार्थियों द्वारा साझा की जाती है।

पीएमएवाई-यू के तहत केंद्रीय सहायता राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 40-40 प्रतिशत और 20 प्रतिशत की तीन किस्तों में जारी की जाती है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी परिचालन दिशा-निर्देशों और अन्य निर्देशों के अनुसार संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अनिवार्य अनुपालन पूरा करने पर केंद्रीय सहायता जारी की जाती है। स्वीकृत परियोजनाओं में अपेक्षित अनुपालन पूरा होते ही केंद्रीय सहायता की उचित किस्त जारी कर दी जाती है।

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर, मंत्रालय द्वारा 15.07.2024 तक पीएमएवाई-यू के अंतर्गत कुल 118.64 लाख मकान स्वीकृत किए गए हैं। स्वीकृत मकानों में से 114.33 लाख का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है; जिनमें से 85.04 लाख पूरे/वितरित हो चुके हैं। पीएमएवाई-यू के अंतर्गत स्वीकृत, तैयार, पूर्ण/वितरित मकानों की संख्या के साथ-साथ स्वीकृत और जारी की गई केंद्रीय सहायता का राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार विवरण अनुबंध में दिया गया है।

परियोजनाओं के पूरा होने की समय-सीमा अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होती है और आमतौर पर योजना के विभिन्न खंडों में और संबंधित परियोजनाओं की डीपीआर के अनुसार इसमें 12-36 महीने लगते हैं। मकानों के पूरा होने की समय-सीमा विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है, जैसे भार मुक्त भूमि की उपलब्धता, निर्माण शुरू करने के लिए वैधानिक अनुपालन, लाभार्थियों द्वारा धन की व्यवस्था आदि। योजना अवधि, जो पहले 31.03.2022 तक थी, को क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (सीएलएसएस) वर्टिकल को छोड़कर 31.12.2024 तक बढ़ा दिया गया है, ताकि फंडिंग पैटर्न और कार्यान्वयन पद्धति में बदलाव किए बिना स्वीकृत सभी घरों को पूरा किया जा सके।

यह जानकारी आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

अनुलग्नक

पीएमएवाई-यू के अंतर्गत अब तक स्वीकृत, निर्माण के लिए तैयार और पूर्ण/वितरित घरों की संख्या तथा स्वीकृत एवं जारी की गई केंद्रीय सहायता का राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार विवरणः

अनुलग्नक

States/UTs-wise details of number of houses sanctioned, grounded for construction and completed/delivered along with Central assistance sanctioned and released so far under PMAY-U

Sr. No.   Name of the
State/ UT
Physical Progress of Houses (Nos) Financial Progress in respect of Central Assistance (in Crore)  
Sanctioned Grounded Completed/ Delivered  
Sanctioned Released  
1 States Andhra Pradesh 21,37,028 19,90,937 9,73,837 32,568.27 23,800.26  
2 Bihar 3,14,477 3,05,811 1,47,979 4,950.45 3,368.00  
3 Chhattisgarh 3,02,663 2,89,128 2,38,894 4,810.98 4,088.81  
4 Goa 3,146 3,146 3,145 74.76 75.04  
5 Gujarat 10,05,204 9,83,778 9,18,185 21,064.34 19,805.76  
6 Haryana 1,15,034 93,153 68,114 2,171.64 1,673.50  
7 Himachal Pradesh 12,758 12,668 10,705 215.95 202.02  
8 Jharkhand 2,29,156 2,13,534 1,42,810 3,603.31 2,987.87  
9 Karnataka 6,38,121 5,73,160 3,69,449 10,614.43 7,168.29  
10 Kerala 1,67,322 1,47,721 1,23,453 2,781.18 2,293.45  
11 Madhya Pradesh 9,61,147 9,49,265 8,01,068 15,930.45 15,284.69  
12 Maharashtra 13,64,923 11,16,949 8,55,339 25,548.21 19,323.37  
13 Odisha 2,03,380 1,80,647 1,47,148 3,176.98 2,479.75  
14 Punjab 1,32,235 1,16,264 83,894 2,342.54 1,825.79  
15 Rajasthan 3,19,863 2,64,357 1,91,971 5,891.46 4,693.97  
16 Tamil Nadu 6,80,347 6,63,430 5,70,294 11,185.30 10,135.67  
17 Telangana 2,50,084 2,44,219 2,24,659 4,475.66 3,718.27  
18 Uttar Pradesh 17,76,823 17,33,051 15,47,101 27,962.68 26,065.17  
19 Uttarakhand 64,391 60,160 34,504 1,176.51 940.86  
20 West Bengal 6,68,953 6,12,998 4,00,257 10,773.50 7,675.93  
Sub- total (States) :- 1,13,47,055 1,05,54,376 78,52,806 1,91,318.59 1,57,606.50  
21 North East States Arunachal Pradesh 8,499 8,070 7,753 182.38 161.18  
22 Assam 1,76,643 1,60,473 1,02,712 2,674.26 2,065.73  
23 Manipur 56,037 48,657 14,699 841.39 471.91  
24 Meghalaya 4,758 3,793 1,632 72.35 43.31  
25 Mizoram 39,605 39,215 11,069 607.80 447.22  
26 Nagaland 31,860 31,841 22,850 503.91 393.41  
27 Sikkim 316 316 202 6.13 7.09  
28 Tripura 92,854 84,751 74,049 1,494.35 1,273.47  
Sub- total (N.E. States) :- 4,10,572 3,77,116 2,34,966 6,382.57 4,863.31  
29 Union Territories A&N Island 376 376 47 5.84 2.93  
30 Chandigarh 1,256 1,256 1,256 28.78 28.78  
31 DNH & DD 9,947 9,947 9,230 214.40 200.27  
32 Delhi 29,976 29,976 29,976 692.53 692.53  
33 J&K 47,040 42,894 24,244 724.94 483.48  
34 Ladakh 1,307 1,014 843 30.22 24.05  
35 Lakshadweep  
36 Puducherry 15,995 15,271 9,994 254.12 223.19  
Sub- total (UT) :- 1,05,897 1,00,734 75,590 1,950.84 1,655.23  
Grand Total :- 118.64 Lakh 114.33 Lakh* 85.04 Lakh* 2.00 Lakh Cr. 1.64 Lakh Cr.  
Includes completed (3.41 lakh)/ grounded (4.01 lakh) houses of JnNURM during mission period.  

 

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