राजधानी भोपाल से 2 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। बुधवार को कोलकाता एसटीएफ ने भोपाल पहुंचकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। हाल ही में पकड़े गए अलकायदा आतंकियों से पूछताछ में मिली जानकारी के बाद इन्हें भी गिरफ्तार किया गया है। किसी बड़े मकसद से भोपाल में अपना डेरा जमाए हुए थे।
दरअसल बुधवार को कोलकाता एसटीएफ की टीम भोपाल पहुंची थी। और भोपाल पुलिस की मदद से टीम में 2 संदिग्ध आतंकियों को पकड़ा है। दोनों ही अलकायदा से जुड़े बताए जा रहे हैं। गुरुवार को एसटीएफ दोनों को बंगाल लेकर पहुंची। सूत्रों के मुताबिक दोनों आतंकी नाम और ठिकाने बदल कर रह रहे थे। पता चला है कि वे हावड़ा में भी किराए के मकान रहे थे।
कुछ दिन पहले ही हावड़ा और दक्षिण 24 परगना से गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ के बाद इनके बारे में पता चला। जब जांच की गई तो एसटीएफ को पता चला कि दोनों भोपाल में छिपे हैं।और दोनों ही हर जगह अलग-अलग नामों से रह रहे थे। कोलकाता ब्यरो के मुताबिक गुरुवार को बैंकशाल कोर्ट की विशेष अदालत में इनकी पेशी हुई
इस पेशी के दौरान सरकारी वकील ने कहा कि दोनों संदिग्ध अलकायदा आतंकियों पर भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। उनके खिलाफ यूएपीए एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
हाल ही में PFI पर केंद्र सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए पांच साल का बैन लगा दिया। पिछले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश से भी PFI के कई सदस्यों की गिरफ्तारी हुई है। प्रदेश से कुल 25 पीएफआई सदस्यों की गिरफ्तारी हुई। PFI को सपोर्ट करने वाली SDPI का प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल रऊफ भी ATS के हत्थे चढ़ गया।
प्रदेश में पीएफआई के देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के पक्के सबूत के बाद इंदौर और उज्जैन में रेड की कार्रवाई की गई थी। कार्रवाई में संगठन के मुखिया समेत चार लोग गिरफ्तार किए गए थर। सूत्रों की माने तो प्रदेश में पीएफआई के 6 हजार सदस्य सक्रिय है। और इंदौर, उज्जैन समेत मालवा में 2500 सदस्य एक्टिव है। तो इन कोलकाता से फरार आतंकवादियों की भोपाल से हुई गिरफ्तारी को ये माना जा रहा है कि किसी बड़े हमले की तैयारी की जा रही थी।




